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Technician with laptop working on server rack at NERSC
Photo: Illustrative image — Photo: CC0 1.0, via Wikimedia Commons

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ग्रेटर नोएडा हैकाथॉन में छात्रों ने पेश किया AI ड्रोन आधारित निरीक्षण सिस्टम

ग्रेटर नोएडा हैकाथॉन में छात्रों ने AI ड्रोन आधारित निरीक्षण सिस्टम पेश किया जो इमारतों की दरारों और अतिक्रमण की पहचान करेगा।

Updated 1 min read

Key points

  • शिवम प्रसाद और उनकी टीम ने 'भूमि डिस्ट्री' नामक AI और ऑटोनॉमस ड्रोन प्रोजेक्ट विकसित किया है।
  • यह सिस्टम भवनों की हाई-रेजोल्यूशन तस्वीरों का विश्लेषण कर दरारों और सतह के नुकसान को चिह्नित करेगा।
  • प्रोजेक्ट का उद्देश्य सार्वजनिक जमीन पर अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमण की पहचान करना भी है।

Why it matters. यह तकनीक मैनुअल निरीक्षण के बोझ को कम कर सकती है और भवनों में संभावित खतरों की समय रहते पहचान कर हादसों को रोकने में मदद कर सकती है।

दिल्ली टेक्निकल कैंपस के बीटेक छात्र शिवम प्रसाद और उनकी टीम ने ग्रेटर नोएडा के आईटीएस कॉलेज में आयोजित हैकाथॉन में 'भूमि डिस्ट्री' प्रोजेक्ट पेश किया। इस टीम में वैभव शर्मा, अपूर्व यादव और नमण्या शामिल हैं जिन्होंने AI और ऑटोनॉमस ड्रोन आधारित निरीक्षण सिस्टम बनाया है। यह तकनीक इमारतों की दरारों और अवैध अतिक्रमण की पहचान कर अधिकारियों को रिपोर्ट भेजने का लक्ष्य रखती है। टीम का दावा है कि यह सिस्टम स्ट्रक्चरल इंजीनियरों को बेहतर डेटा उपलब्ध कराकर उनकी मदद करेगा।

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ग्रेटर नोएडा हैकाथॉन में छात्रों ने पेश किया AI ड्रोन आधारित निरीक्षण सिस्टम

ग्रेटर नोएडा में आयोजित हैकाथॉन में BTech छात्रों की टीम ने AI और ऑटोनॉमस ड्रोन पर आधारित एक प्रोजेक्ट आइडिया पेश किया है. प्रस्तावित सिस्टम का उद्देश्य इमारतों में दरारों, सतह को हुए नुकसान और संभावित अतिक्रमण के संकेतों की पहचान करना है. ड्रोन से मिली तस्वीरों का AI विश्लेषण कर रिपोर्ट तैयार करने की योजना है, जिससे अधिकारियों और इंजीनियरों को आगे की जांच में मदद मिल सके. ग्रेटर नोएडा: इमारतों में दरारें हों या सार्वजनिक जमीन पर संभावित अवैध अतिक्रमण, समय रहते इनकी पहचान करना बड़ी चुनौती है. इसी समस्या का तकनीकी समाधान तलाशने के लिए बीटेक के तीन युवा छात्रों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और.

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