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स्वदेशी AIP सिस्टम का सफल परीक्षण, पनडुब्बियों की पानी के भीतर क्षमता बढ़ेगी
स्वदेशी AIP सिस्टम का सफल परीक्षण किया गया जिससे पनडुब्बियों की पानी के भीतर रहने की क्षमता बढ़ेगी।
Key points
- डीआरडीओ की एनएमआरएल ने डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों के लिए स्वदेशी एआईपी एनर्जी मॉड्यूल विकसित किया है।
- इस तकनीक का दूसरा चरण हजीरा के एलएंडटी परिसर में शुरू हुआ है ताकि बिजली उत्पादन का परीक्षण किया जा सके।
- इस मॉड्यूल को अगले साल की शुरुआत में मझगांव डॉक की कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी में स्थापित करने की योजना है।
Why it matters. यह सिस्टम पनडुब्बियों को बैटरी चार्ज करने के लिए सतह पर आने की जरूरत को कम करेगा, जिससे दुश्मन की नजर में आने का खतरा कम हो जाएगा।
डीआरडीओ ने गुजरात के हजीरा स्थित एलएंडटी परिसर में स्वदेशी एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (एआईपी) सिस्टम के एनर्जी मॉड्यूल के दूसरे चरण की शुरुआत की। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जिसमें वाइस एडमिरल बी शिवकुमार और डॉ आर बालामुरलीकृष्णन शामिल हुए। एनएमआरएल द्वारा विकसित यह तकनीक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों को बिना सतह पर आए लंबे समय तक पानी के भीतर रहने में मदद करेगी। अगले साल की शुरुआत में इस मॉड्यूल को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड की कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी में लगाया जाएगा।
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स्वदेशी AIP सिस्टम का सफल परीक्षण, पनडुब्बियों की पानी के भीतर क्षमता बढ़ेगी
नौसेना की डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियां अब लंबे समय तक पानी के भीतर रह सकेंगी। इस दिशा में विकसित किए जा रहे स्वदेशी एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (एआईपी) सिस्टम ने अहम पड़ाव हासिल किया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित इस तकनीक के एनर्जी मॉड्यूल के दूसरे चरण की शुरुआत गुजरात के हजीरा स्थित एलएंडटी परिसर में हुई। रक्षा सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस दौरान नौसेना के वाइस एडमिरल बी शिवकुमार और डीआरडीओ के महानिदेशक डॉ आर बालामुरलीकृष्णन भी मौजूद रहे। डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों को पानी के भीतर अपनी बैटरियां चार्ज क.