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Woman harvesting wheat, Raisen district, Madhya Pradesh, India ggia version
Photo: Illustrative image — Photo: Yann Forget, CC BY-SA 3.0, via Wikimedia Commons

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बहराइच के किसान ने बेड मल्चिंग तकनीक से बढ़ाई फसल पैदावार

बहराइच के किसान त्रिलोकी ने बेड विधि और मल्चिंग तकनीक अपनाकर अपनी पैदावार बढ़ाई है।

Updated 1 min read

Key points

  • किसान त्रिलोकी ने कृषि विज्ञान केंद्र की ट्रेनिंग के बाद 5 साल पहले बेड विधि और मल्चिंग तकनीक अपनाई थी।
  • बेड विधि में 3 फीट चौड़ी और 1 फीट ऊंची क्यारियां बनाई जाती हैं जिससे सिंचाई में पानी की बचत होती है।
  • मल्चिंग शीट बिछाने से खरपतवार नहीं उगते जिससे निराई-गुड़ाई और लेबर पर होने वाला खर्च कम हो जाता है।

Why it matters. आधुनिक खेती की इन तकनीकों से किसानों की लागत कम हो सकती है और उनकी पैदावार व मुनाफे में वृद्धि हो सकती है।

बहराइच के किसान त्रिलोकी पिछले 5 साल से बेड विधि और मल्चिंग तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। उनके अनुसार, आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। लोकल 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस विधि से सिंचाई में पानी की बचत होती है और खरपतवार की समस्या कम होती है।

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बहराइच के किसान ने बेड मल्चिंग तकनीक से बढ़ाई फसल पैदावार

Agriculture News: खेती में लागत कम करने और पैदावार बढ़ाने के लिए बहराइच के प्रगतिशील किसान त्रिलोकी पिछले 5 साल से बेड विधि और मल्चिंग तकनीक अपना रहे हैं. इस तरीके में खेत में ऊंची क्यारियां बनाकर उनके बीच नालियां तैयार की जाती हैं, जिससे सिंचाई में पानी की बचत होती है. वहीं, मल्चिंग शीट बिछाने से खरपतवार की समस्या कम होती है और निराई-गुड़ाई पर होने वाला खर्च भी बचता है. किसान त्रिलोकी के मुताबिक, ​बहराइच: पारंपरिक खेती के तरीकों से हटकर अगर आधुनिक तकनीकों को अपनाया जाए, तो किसान कम लागत में भी बंपर मुनाफा कमा सकते हैं. बहराइच के ऐसे ही एक प्रगतिशील और अनुभवी किसान हैं त्रिलोकी, जो पिछले कई वर.

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