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रक्षा मंत्रालय ने BEL के साथ 770 करोड़ रुपये के हल्के रडार करार पर हस्ताक्षर किए
रक्षा मंत्रालय ने BEL के साथ करीब 770 करोड़ रुपये के हल्के रडार करार पर हस्ताक्षर किए।
Key points
- रक्षा मंत्रालय ने BEL के साथ करीब 770 करोड़ रुपये का करार किया है।
- करार के तहत बेहतर क्षमता वाले हल्के रडार खरीदे जाएंगे।
- ये रडार कम ऊंचाई पर हवाई निगरानी के लिए तैयार किए गए हैं।
Why it matters. ये हल्के रडार लड़ाकू विमान के आकार के लक्ष्यों और छोटे ड्रोन का पता लगाकर हवाई निगरानी क्षमता मजबूत कर सकते हैं।
रक्षा मंत्रालय ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के साथ करीब 770 करोड़ रुपये का करार किया है। इसके तहत बेहतर क्षमता वाले हल्के रडार खरीदे जाएंगे। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ये रडार कम ऊंचाई पर हवाई निगरानी के लिए तैयार किए गए हैं और लड़ाकू विमान के आकार के लक्ष्यों के साथ छोटे और सूक्ष्म ड्रोन का भी पता लगा सकते हैं।
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रक्षा मंत्रालय ने BEL के साथ 770 करोड़ रुपये के हल्के रडार करार पर हस्ताक्षर किए
पाकिस्तान के F-16 लड़ाकू विमान हों या बुराक जैसे ड्रोन, हवाई खतरों पर नजर रखना भारत की सुरक्षा के लिए बेहद अहम है. इसी दिशा में रक्षा मंत्रालय ने भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के साथ करीब 770 करोड़ रुपये का करार किया है. इसके तहत बेहतर क्षमता वाले हल्के रडार खरीदे जाएंगे, जो फाइटर जेट के साथ छोटे-छोटे ड्रोन का भी चुटकियों में पता लगा लेंगेने. ये रडार कम ऊंचाई पर निगरानी करने, हवाई गतिविधियों प अमेरिका से मिले F-16 फाइटर जेट से लेकर अपने बनाए बुराक ड्रोन पर पाकिस्तान खूब उछलता है. ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय एयरफोर्स के पराक्रम के आगे भले ही पाकिस्तानी सेना बुरी तरह फेल रही, लेकिन उसकी ऐंठन अभ.