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भारत बना यूरोप का तीसरा सबसे बड़ा हथियार निर्यातक, 38,424 करोड़ का निर्यात
भारत 38,424 करोड़ रुपये के निर्यात के साथ यूरोप का तीसरा सबसे बड़ा हथियार निर्यातक बन गया है।
Key points
- पिछले वित्त वर्ष में भारत ने 38,424 करोड़ रुपये मूल्य के रक्षा उपकरणों का निर्यात किया।
- यूरोपीय देशों की मांग के कारण गोले, मोर्टार और विस्फोटक पदार्थों के निर्यात में 1,600 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई।
- भारतीय रक्षा उत्पाद अब दुनिया के 80 से अधिक देशों में निर्यात किए जा रहे हैं।
Why it matters. यह विकास भारत की छवि को एक हथियार आयातक से निर्यातक देश के रूप में बदल रहा है और विदेशी मुद्रा की कमाई के साथ रणनीतिक मजबूती प्रदान कर रहा है।
भारत पिछले वित्त वर्ष में 38,424 करोड़ रुपये के रक्षा सामान का निर्यात कर यूरोप का तीसरा सबसे बड़ा हथियार निर्यातक बना। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण यूरोपीय देशों में गोला-बारूद और विस्फोटकों की मांग बढ़ी, जिससे इन वस्तुओं की खेप में 1,600 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तकनीक साझा करने और उत्पादन बढ़ाने के लिए और अधिक संयुक्त उद्यम बनाने की बात कही है। भारतीय रक्षा उत्पाद अब 80 से अधिक देशों तक पहुँच रहे हैं।
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भारत बना यूरोप का तीसरा सबसे बड़ा हथियार निर्यातक, 38,424 करोड़ का निर्यात
भारत यूरोप का तीसरा सबसे बड़ा हथियार निर्यातक बन गया है. पिछले वित्त वर्ष में 38,424 करोड़ रुपये के रक्षा सामानों यूरोप में एक्सपोर्ट किए गए. यूक्रेन युद्ध के बाद गोला-बारूद की मांग बढ़ी. मेक इन इंडिया से उत्पादन बढ़ा. अब 80 से ज्यादा देशों को निर्यात हो रहा है. भारत रक्षा निर्यात के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब यूरोप का तीसरा सबसे बड़ा हथियार निर्यातक देश बन गया है. पिछले वित्त वर्ष में भारत ने 38,424 करोड़ रुपये मूल्य के रक्षा सामान का निर्यात किया. यह उपलब्धि मुख्य रूप से यूरोप की बढ़ती मांग से जुड़ी है. रूस ने 2022 में यूक्रेन पर हमला किया था, उसके बाद यूरोपीय देशों ने अपनी सेन.
बिहार में 1.64 लाख करोड़ रुपये की 32 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी, 2,424 किलोमीटर सड़कें बनेंगी
Expressway Project in Bihar : देश में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे अभी तक यूपी में थे, लेकिन अब बिहार में सड़कें बनाने का काम काफी जोर पकड़ रहा है. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने बिहार में सड़कें बनाने के लिए 1.64 लाख करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. इसके तहत प्रदेशभर में 32 प्रोजेक्ट पर काम शुरू किया जाएगा और बनने वाली सड़कों की कुल लंबाई करीब 2,424 किलोमीटर होगी. एनएचएआई की ओर से यह मंजूरी वित्तवर्ष 202 एनएचएआई की ओर से बिहार के लिए मंजूर की गई 32 सड़क परियोजनाओं में हाईवे, सड़कों का चौड़ीकरण, बाईपास, 4 लेन का कॉरिडोर और रेलवे ओवरब्रिज शामिल है. इस प्रोजेक्ट में से 18 का निर्माण बिहार सड़क निर्माण व.