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Photo: No machine-readable author provided. Leifern assumed (based on copyright claims)., CC BY-SA 2.5, via Wikimedia Commons

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Business Idea: जिस कचरे को लोग फेंकते हैं, जयपुर के युवाओं ने उससे खड़ी की 250 करोड़ की कंपनी, Forbes तक पहुंचा नाम

जयपुर के युवा अभिषेक गुप्ता और अभिनव शेखर ने कचरा प्रबंधन स्टार्टअप 'वीवॉइस लैब' खड़ा किया, जिसका टर्नओवर 250 करोड़ रुपए है.

Updated 2 min read

Key points

  • वीवॉइस लैब' राजस्थान सहित देश के 25 शहरों में संचालित हो रहा है
  • कंपनी हर साल 6 से 7 लाख टन से ज्यादा वेस्ट प्रोसेस करती है
  • कंपनी घर, होटल और हॉस्पिटल को रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन टैग देकर कचरे की रियल टाइम मॉनिटरिंग करती है

Why it matters. स्रोत के अनुसार कंपनी तकनीक से कचरे के संग्रहण से पुनर्चक्रण तक का काम बेहतर बना रही है, जिससे सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा और रोजगार के अवसर मिल सकते हैं.

जयपुर के अभिषेक गुप्ता और अभिनव शेखर वशिष्ठ ने 2018 में 'वीवॉइस लैब' नाम से वेस्ट मैनेजमेंट स्टार्टअप शुरू किया, जिसका टर्नओवर अब 250 करोड़ रुपए है. यह राजस्थान सहित देश के 25 शहरों में काम कर रहा है और हर साल 6 से 7 लाख टन से ज्यादा वेस्ट प्रोसेस करता है. इसकी नींव 2016 में कॉलेज कैंपस सफाई अभियान से पड़ी थी, और अब इसका नाम फोर्ब्स अंडर-30 की लिस्ट में पहुंच चुका है. आंकड़ों के अनुसार देश में हर साल 62 मिलियन टन कचरा निकलता है, जिसे या तो खुले में फेंक दिया जाता है या जला दिया जाता है.

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Business Idea: जिस कचरे को लोग फेंकते हैं, जयपुर के युवाओं ने उससे खड़ी की 250 करोड़ की कंपनी, Forbes तक पहुंचा नाम

Jaipur Waste Management Startup: कचरे की समस्या को कारोबार और रोजगार के अवसर में बदलने की कहानी जयपुर के दो युवा उद्यमियों ने लिखी है. अभिषेक गुप्ता और अभिनव शेखर वशिष्ठ ने 2016 में कॉलेज कैंपस में सफाई अभियान और वेस्ट अवेयरनेस कैंपेन से शुरुआत की. इसके बाद 2018 में 'वीवॉइस लैब' की नींव रखी. आज यह स्टार्टअप 250 करोड़ रुपए का क्लीन-टेक कारोबार बन चुका है और देश के 25 शहरों में अपनी सेवाएं दे रहा है जयपुर के युवाओं के स्टार्टअप का डंका अब दुनियाभर में बज रहा है. छोटे स्तर पर शुरू हुए स्टार्टअप आज करोड़ों रुपए की सफल कंपनियों के रूप में संचालित हो रहे हैं. ऐसे ही जयपुर के दो युवा अभिषेक गुप्ता और अभिनव शेखर वशिष्ठ हैं, जिन्होंने ‘वीवॉइस लैब’ के नाम से कचरे और वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़े स्टार्टअप की शुरुआत की. आज उनके इस स्टार्टअप का टर्नओवर 250 करोड़ रुपए है. ‘वीवॉइस लैब’ का स्टार्टअप राजस्थान सहित देश के 25 शहरों में सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है. ‘वीवॉइस लैब’ के क्लीन-टेक स्टार्टअप की कहानी जयपुर के इन दोनों युवाओं के 2016 में कॉलेज कैंपस सफाई अभियान और वेस्ट अवेयरनेस कैंपेन से शुरू हुई थी. उस समय अभिषेक गुप्ता और अभिनव शेखर ने कॉलेज के इस सफाई अभियान को केवल एक प्रोजेक्ट के रूप में नहीं देखा, बल्कि कचरे और सफाई की समस्या के स्थायी समाधान पर विचार करना शुरू किया. इसी सोच के साथ 2018 में ‘वीवॉइस लैब’ स्टार्टअप की शुरुआत हुई, जो अब शहरों को स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है. जयपुर के अभिषेक गुप्ता और अभिनव शेखर के स्टार्टअप ‘वीवॉइस लैब’ .

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