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पीयूष गोयल ने यूरोपीय संघ की व्यापार नीतियों और CBAM की आलोचना की

पीयूष गोयल ने बर्लिन ग्लोबल डायलॉग 2026 में यूरोपीय संघ की व्यापार नीतियों और CBAM की आलोचना की।

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Key points

  • पीयूष गोयल ने विकसित देशों द्वारा जलवायु वित्तपोषण के लिए किए गए 100 बिलियन डॉलर के वादे को पूरा न करने पर सवाल उठाए।
  • मंत्री ने बताया कि भारत की वैश्विक आबादी में 17% हिस्सेदारी है लेकिन कार्बन उत्सर्जन में योगदान 3% से भी कम है।
  • यूरोपीय संघ के CBAM कार्बन टैक्स का उद्देश्य स्टील, एल्युमीनियम, लोहा और सीमेंट जैसे उच्च कार्बन उत्सर्जन वाले विदेशी सामानों पर टैक्स लगाना है।

Why it matters. यूरोपीय संघ के CBAM और EUDR जैसे कड़े नियम भारत के निर्यात और व्यापारिक संबंधों को प्रभावित कर सकते हैं।

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने 22-27 अक्टूबर 2026 के दौरान जर्मनी और नीदरलैंड दौरे के बीच बर्लिन ग्लोबल डायलॉग 2026 में यूरोपीय संघ के CBAM और व्यापार नीतियों की आलोचना की। उन्होंने विकसित देशों द्वारा जलवायु वित्तपोषण के लिए किए गए 100 बिलियन डॉलर प्रति वर्ष के वादे को पूरा न करने पर सवाल उठाए। गोयल ने दावा किया कि भारत की 17% आबादी के बावजूद ग्लोबल कार्बन एमिशन में योगदान 3% से कम है, जबकि यूरोपीय संघ के नियम अनुचित हैं।

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पीयूष गोयल ने यूरोपीय संघ की व्यापार नीतियों और CBAM की आलोचना की

पीयूष गोयल ने बर्लिन ग्लोबल डायलॉग में EU के CBAM और व्यापार नीतियों की कड़ी आलोचना की. उन्होंने विकसित देशों को उनकी ऐतिहासिक जिम्मेदारी याद दिलाते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन उनकी देन है. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जलवायु परिवर्तन और व्यापार नीतियों को लेकर यूरोप पर तीखा हमला बोला है. जर्मनी की राजधानी बर्लिन में आयोजित बर्लिन ग्लोबल डायलॉग 2026 में उन्होंने यूरोपीय संघ के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) और व्यापार नीतियों की कड़ी आलोचना की. साथ ही क्लाइमेट फाइनेंसिंग पर 100 बिलियन डॉलर वाले वादे को याद दिलाया.पीयूष गोयल 22 से 27 अक्टूबर 2026 तक जर्मनी और नीदरल.

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