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Altona oil refinery 2
Photo: Illustrative image — Photo: Sgroey, CC BY-SA 4.0, via Wikimedia Commons

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CEEW अध्ययन: 2028 तक भारत में सोलर पैनल पार्ट्स बाजार 7.8 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान

CEEW की स्टडी: भारत का सोलर पैनल पार्ट्स बाजार मार्च 2028 तक 7.8 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है

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Key points

  • सितंबर 2026 में भारत में सोलर पैनल पार्ट्स का बाजार लगभग 3.6 अरब डॉलर (34,200 करोड़ रुपये) था।
  • वित्त वर्ष 2021 से 2026 के बीच भारत में ग्लास का आयात प्रतिवर्ष 63 प्रतिशत की दर से बढ़ा और 1.48 अरब डॉलर पर पहुंचा।
  • केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार सौर ऊर्जा की स्थापित क्षमता 2014 में 2.8 गीगावाट थी, जो आज 172 गीगावाट है।

Why it matters. स्टडी के अनुसार घरेलू आपूर्ति तैयार होने से मॉड्यूल निर्माताओं पर कीमतों के उतार-चढ़ाव और दूसरी जगहों के व्यापारिक फैसलों से जुड़े जोखिम में कमी आएगी।

काउंसिल ऑन एनर्जी इनवायरनमेंट एंड वॉटर की स्टडी के अनुसार भारत में सोलर पैनल पार्ट्स का बाजार सितंबर 2026 के लगभग 3.6 अरब डॉलर से बढ़कर मार्च 2028 तक लगभग 7.8 अरब डॉलर हो सकता है। ग्लास, एल्युमिनियम फ्रेम, कॉपर रिबन और बैकशीट जैसे पार्ट्स इसमें शामिल हैं। वित्त वर्ष 2026 में भारत के ग्लास आयात का 66 प्रतिशत और फ्रेम आयात का 70 प्रतिशत चीन से आया। स्टडी के मुताबिक नियोजित विस्तार समय पर पूरे होने पर फ्रेम, रिबन और एनकैप्सुलेंट मार्च 2027 तक लगभग 67 गीगावाट की मॉड्यूल मांग पूरी कर सकते हैं।

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CEEW अध्ययन: 2028 तक भारत में सोलर पैनल पार्ट्स बाजार 7.8 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान

CEEW की स्टडी के मुताबिक भारत में सोलर पैनल पार्ट्स का बाजार 2028 तक दोगुने से ज्यादा बढ़कर 7.8 अरब डॉलर हो सकता है. इससे देश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा. वहीं बड़ी संख्‍या में घरों में भारत में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ता जा रहा है. ग्रिड की बिजली पर निर्भर रहने के बजाय आजकल घरों में बिजली की सप्लाई के लिए लोग छतों पर सोलर पैनल लगवा रहे हैं. अब इसे लेकर आई स्टडी बेहद सकारात्मक तस्वीर दिखा रही है. जिसमें बताया गया है कि आने वाले दो सालों में सोलर पैनलों का बाजार दोगुने से भी ज्यादा का होने जा रहा है. यानि आने वाले दिनों में सोलर ऊर्जा पर सिर्फ घरों में बल्ब जलाने के लिए ही नहीं बल्क.

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