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Frankfurt Stock Exchange (Ank Kumar) 01
Photo: Illustrative image — Photo: Ank Kumar, CC BY-SA 4.0, via Wikimedia Commons

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कच्चे तेल में करीब 10% गिरावट, तेल कंपनियों के शेयर 8% तक चढ़े

कच्चे तेल में करीब 10% गिरावट, तेल कंपनियों के शेयर 8% तक चढ़े

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Key points

  • ब्रेंट क्रूड गुरुवार को 95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया।
  • IndiGo के शेयर करीब 7% उछलकर 5,489 रुपये पर पहुंच गए।
  • MRF के एक शेयर की कीमत करीब 1.23 लाख रुपये तक पहुंच गई।

Why it matters. अगर कच्चे तेल की कीमत लंबे समय तक 90-100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहती है, तो महंगाई को लेकर चिंताएं कम हो सकती हैं।

अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म होने की उम्मीद बढ़ने से कच्चे तेल के दाम करीब 10% टूटे और गुरुवार को ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया। इसका सीधा फायदा एयरलाइन, पेंट और टायर कंपनियों को मिला, जिनमें IndiGo करीब 7% उछलकर 5,489 रुपये पर पहुंच गया। Asian Paints करीब 7% चढ़ा, जबकि Apollo Tyres और Balkrishna Industries के शेयर 8% से ज्यादा उछल गए। उधर WTI क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल से नीचे फिसला और अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी ने संसद के दोनों सदनों पर नियंत्रण खो दिया।

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कच्चे तेल में करीब 10% गिरावट, तेल कंपनियों के शेयर 8% तक चढ़े

कच्चे तेल की कीमतों में करीब 10% की गिरावट आई है. ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे पहुंच गया. इसका फायदा भारतीय शेयर बाजार में तेल पर निर्भर कंपनियों को मिला है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को मिडटर्म चुनाव में बड़ा झटका लगा है. पार्टी अमेरिकी संसद के दोनों सदनों सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में अपना कंट्रोल खो बैठी है. इस हार का असर अब दुनियाभर के बाजारों पर दिखाई देने लगा है. अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध खत्म होने की उम्मीद बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में करीब 10% की गिरावट आई है. गुरुवार को ब्रेंट क्रूड का भाव 95 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया. इसका.

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