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DICGC क्या है और बैंक खाते में रखा पैसा कैसे सुरक्षित है, RBI ने समझाया
RBI ने समझाया कि DICGC के जरिए बैंक में रखी जमा राशि कैसे सुरक्षित रहती है, जिसका बीमा अधिकतम 5 लाख रुपये तक है।
Key points
- DICGC RBI की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक संस्था है और इसकी स्थापना 1978 में हुई थी।
- प्रति जमाकर्ता, प्रति बीमित बैंक अधिकतम 5 लाख रुपये तक का बीमा मिलता है, जिसमें मूलधन और ब्याज शामिल हैं।
- उदाहरण: सेविंग में 2 लाख और FD में 4 लाख रुपये हों, तो कुल 6 लाख रुपये पर केवल 5 लाख रुपये तक बीमा मिलेगा।
Why it matters. ग्राहकों के मन में बैंक जमा की सुरक्षा को लेकर डर के बीच यह स्पष्टीकरण बताता है कि बीमित बैंक दिवालिया होने पर निर्धारित नियमों के तहत जमा राशि का बीमा भुगतान किया जाता है।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों की चिंता के बीच स्पष्ट किया कि उसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक संस्था DICGC बैंक खातों की जमा राशि को सुरक्षा देती है। DICGC की स्थापना 1978 में हुई थी और यह प्रति जमाकर्ता, प्रति बीमित बैंक अधिकतम 5 लाख रुपये तक का बीमा देती है, जिसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल हैं। सेविंग, करंट, फिक्स्ड डिपॉजिट और रिकरिंग डिपॉजिट में जमा रकम पर यह कवर मिलता है, और किसी बीमित बैंक के दिवालिया होने या उस पर प्रतिबंध लगने पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत भुगतान किया जाता है। यह स्पष्टीकरण PNB की नोएडा शाखा से कुछ ग्राहकों के खातों से कर्मचारी द्वारा पैसे ट्रांसफर होने की घटना के बाद आया है।
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DICGC क्या है और बैंक खाते में रखा पैसा कैसे सुरक्षित है, RBI ने समझाया
क्या है DICGC? कैसे होगा इससे खाते में रखा पैसा सुरक्षित, RBI ने बताया कुछ दिन पहले ही PNB बैंक की उत्तर प्रदेश की नोएडा स्थित ब्रांच में कई ग्राहकों के खाते से पैसे ट्रांसफर किए गए. ये काम बैंक की ही एक कर्मचारी के द्वारा किया गया था. इससे पहले SBI से भी ग्राहकों का डाटा लीक हो चुका है. तो वहीं कई अन्य बैंकों से भी ऐसी खबरें आई हैं. जिसके बाद से ग्राहकों के मन में डर बैठ गया है कि बैंक में रखा उनका पैसा कैसे सुरक्षित रहेगा. ग्राहकों की इसी परेशानी को खुद RBI ने दूर कर दिया है. RBI ने बताया है कि DICGC के जरिए हम अपना बैंक में रखा पैसा सुरक्षित कर सकते हैं. ऐसी किसी भी स्थिति में खाताधारकों को.