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विदेशी बिकवाली के बीच घरेलू म्यूचुअल फंडों ने छह महीने में 2.64 लाख करोड़ के शेयर खरीदे
घरेलू म्यूचुअल फंडों ने विदेशी बिकवाली के बीच छह महीने में 2.64 लाख करोड़ के शेयर खरीदे
Key points
- अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच एफपीआई ने करीब 1.29 लाख करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
- घरेलू फंड की नेट खरीदारी विदेशी बिकवाली से करीब 1.35 लाख करोड़ रुपये ज्यादा रही।
- वित्त वर्ष 2018-19 में घरेलू फंड की नेट खरीदारी 84,000 करोड़ रुपये थी, जो 2025-26 तक छह गुने से अधिक बढ़ी।
Why it matters. रिपोर्ट के मुताबिक घरेलू फंड की लगातार खरीदारी से विदेशी बिकवाली का असर कई मौकों पर कम हुआ है, हालांकि बाजार कंपनियों के प्रदर्शन और वैश्विक घटनाओं से भी प्रभावित रहता है।
आईसीआरए एनालिटिक्स की सितंबर 2026 की स्क्रीनर रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल से सितंबर के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) की नेट बिकवाली करीब 1.29 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि घरेलू फंड की नेट खरीदारी 2.64 लाख करोड़ रुपये रही। सितंबर 2026 में एसआईपी के जरिए रिकॉर्ड 32,490 करोड़ रुपये आए और अप्रैल से सितंबर के बीच कुल 1,90,598 करोड़ रुपये का निवेश हुआ। सितंबर के अंत तक सक्रिय एसआईपी खातों की संख्या करीब 10.89 करोड़ पहुंच गई, और रिपोर्ट के मुताबिक घरेलू निवेश का आधार मजबूत हुआ है।
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विदेशी बिकवाली के बीच घरेलू म्यूचुअल फंडों ने छह महीने में 2.64 लाख करोड़ के शेयर खरीदे
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच घरेलू म्यूचुअल फंड सहारा बनकर उभरे हैं ... भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच घरेलू म्यूचुअल फंड सहारा बनकर उभरे हैं। अप्रैल से सितंबर 2026 के बीच विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने करीब 1.29 लाख करोड़ रुपये के शेयरों की नेट बिकवाली की। वहीं, घरेलू म्यूचुअल फंड ने इसी दौरान 2.64 लाख करोड़ रुपये के शेयरों की नेट खरीदारी की। यानी विदेशी निवेशकों की नेट बिकवाली के मुकाबले घरेलू म्यूचुअल फंड की खरीदारी करीब दोगुनी रही। आईसीआरए एनालिटिक्स की सितंबर 2026 की म्यूचुअल फंड स्क्रीनर रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू म्यूचुअल फंड क.