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EAAA India Alternatives IPO Listing: 5 गुना सब्सक्रिप्शन के बाद 1% से कम लिस्टिंग गेन
EAAA India Alternatives IPO Listing: अल्टरनेटिव इंवेस्टमेंट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म ईएएए इंडिया अल्टरनेटिव्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में सुस्त एंट्री हुई।
EAAA India Alternatives IPO Listing: अल्टरनेटिव इंवेस्टमेंट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म ईएएए इंडिया अल्टरनेटिव्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में सुस्त एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 5 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹1,665 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹1,673.00 और NSE पर ₹1,675.50 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 1% से कम लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹1682.05 (EAAA India Alternatives Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 1.02% मुनाफे में हैं।
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EAAA India Alternatives IPO Listing: 5 गुना सब्सक्रिप्शन के बाद 1% से कम लिस्टिंग गेन
EAAA India Alternatives IPO Listing: ईएएए इंडिया अल्टरनेटिव्स एक अल्टरनेटिव इंवेस्टमेंट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म है। अब आईपीओ को 5 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद इसके शेयरों की 1% से कम प्रीमियम पर एंट्री EAAA India Alternatives IPO Listing: अल्टरनेटिव इंवेस्टमेंट मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म ईएएए इंडिया अल्टरनेटिव्स के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में सुस्त एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 5 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹1,665 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹1,673.00 और NSE पर ₹1,675.50 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 1% से कम लिस्टिंग गेन (Krystal Integrated Services Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर ऊपर चढ़े। उछलकर BSE पर यह ₹1682.05 (EAAA India Alternatives Share Price) पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 1.02% मुनाफे में हैं।EAAA India Alternatives IPO को कैसा मिला था रिस्पांसईएएए इंडिया अल्टरनेटिव्स का ₹1,200 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 26-28 अक्टूबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 5.51 गुना सब्सक्राइब हुआ है। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 13.80 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 4.81 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1.08 गुना भरा था।यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का था और कोई नया शेयर नहीं जारी हुआ है। अब आईपीओ के पैसों के इस्तेमाल की बात करें तो चूंकि यह इश्यू पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल का था तो इसका पैसा कंपनी की बजाय शेयर बेचने वाले प्र.