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सुपारी तस्करी मामला: ED ने 1500 करोड़ के सिंडिकेट में GST अधिकारियों को किया रडार पर
ED ने 1500 करोड़ के सुपारी तस्करी सिंडिकेट मामले में जीएसटी और सीजीएसटी अधिकारियों की भूमिका की जांच शुरू की है।
Key points
- ईडी ने म्यांमार से मिजोरम के रास्ते विभिन्न राज्यों में फैले 1500 करोड़ रुपये के सुपारी तस्करी सिंडिकेट का खुलासा किया है।
- इस सिंडिकेट में फर्जी इनवॉइस और जाली ई-वे बिल का उपयोग किया जा रहा था और अब जीएसटी अधिकारियों की भूमिका की जांच हो रही है।
- एजेंसी ने धीरज घोष और नवरतन बैद सहित आरोपियों से जुड़े करीब 16 ठिकानों पर छापेमारी की और अब तक 11 से ज्यादा मामले दर्ज किए हैं।
Why it matters. यह मामला बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग और टैक्स चोरी को दर्शाता है, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान और प्रशासनिक भ्रष्टाचार की संभावना उजागर होती है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) विदेशी सुपारी तस्करी और काले धन के नेटवर्क की जांच कर रहा है, जिसमें 1500 करोड़ रुपये का सिंडिकेट शामिल है। इस मामले में अब कई जीएसटी और सीजीएसटी अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। ईडी की गुवाहाटी जोनल ऑफिस की टीम तस्करी, वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े नेटवर्क की जांच कर रही है।
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सुपारी तस्करी मामला: ED ने 1500 करोड़ के सिंडिकेट में GST अधिकारियों को किया रडार पर
विदेशी सुपारी तस्करी और काले धन के नेटवर्क को लेकर प्रवर्तन निदेशालय की जांच का दायरा तेजी से बढ़ रहा है. पश्चिम बंगाल के चर्चित 'अभिषेक टैक्स' और 1500 करोड़ रुपये के सुपारी तस्करी सिंडिकेट मामले में अब कई जीएसटी और सीजीएसटी अधिकारियों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है. म्यांमार से मिजोरम होते हुए देश के विभिन्न राज्यों तक फैले इस सिंडिकेट में फर्जी इनवॉइस और जाली ई-वे बिल के जरिए खेल चल रहा थ Supari Smuggling Case: विदेशी सुपारी की तस्करी और उससे जुड़े ब्लैकमनी नेटवर्क की जांच अब नए मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. पश्चिम बंगाल के चर्चित ‘अभिषेक टैक्स’ यानी गुंडा टैक्स का मामले में अब प्रवर्त.