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न्यूजक्लिक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
ED ने न्यूजक्लिक और प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग जांच रद्द करने वाले दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।
Key points
- ED ने सुप्रीम कोर्ट से दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द करने की मांग की है जिसने EOW की FIR और मनी लॉन्ड्रिंग जांच को खत्म किया था।
- एजेंसी का आरोप है कि न्यूजक्लिक को नेविल रॉय सिंघम से जुड़ी कंपनियों के माध्यम से 9.60 करोड़ रुपये का FDI और 92 करोड़ रुपये अतिरिक्त मिले।
- ED के मुताबिक, विदेशी धन का एक हिस्सा प्रबीर पुरकायस्थ के साकेत स्थित फ्लैट की खरीद में इस्तेमाल हुआ और 4.93 करोड़ की संपत्ति अटैच की गई।
Why it matters. यह मामला विदेशी फंडिंग नियमों के उल्लंघन और सूचना के माध्यम से वैचारिक प्रभाव डालने के आरोपों से जुड़ा है, जिसका निर्णय कानूनी मिसाल बन सकता है।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने न्यूजक्लिक और प्रबीर पुरकायस्थ के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है जिसने मनी लॉन्ड्रिंग जांच रद्द कर दी थी। ईडी का दावा है कि 2018 में अमेरिकी नागरिक नेविल रॉय सिंघम से जुड़े नेटवर्क के जरिए 9.60 करोड़ रुपये का FDI और 92 करोड़ रुपये की अतिरिक्त रकम मिली। एजेंसी के अनुसार, इस धन का उपयोग वैचारिक प्रभाव स्थापित करने के लिए किया गया और 4.93 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की गई।
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न्यूजक्लिक मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ED ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
न्यूजक्लिक और उसके संस्थापक-संपादक प्रबीर पुरकायस्थ से जुड़े कथित विदेशी फंडिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. एजेंसी ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें EOW की FIR और उससे जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच रद्द कर दी गई थी. ईडी का दावा है कि हाईकोर्ट ने 9.59 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश और जांच से जुड़े अहम साक्ष्यों पर पर्याप्त विचार नहीं किया. डिजिटल समाचार प्लेटफॉर्म न्यूजक्लिक (NewsClick) और उसके संस्थापक-संपादक प्रबीर पुरकायस्थ से जुड़े कथित विदेशी फंडिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है. ईडी ने सुप्रीम कोर्ट मे.