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Wall Street - New York Stock Exchange
Photo: Illustrative image — Photo: Carlos Delgado, CC BY-SA 3.0, via Wikimedia Commons

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दो साल में FIIs ने भारतीय शेयरों से लगभग 64 अरब डॉलर निकाले

FIIs ने भारतीय शेयरों से लगभग 64 अरब डॉलर निकाले, दो दशकों की सबसे लंबी और बड़ी बिकवाली

Updated 1 min read

Key points

  • सितंबर 2026 तक के 24 महीनों में FIIs ने कुल 59.2 अरब डॉलर की बिकवाली की
  • पिछले 12 महीनों में घरेलू निवेशकों ने 91.7 अरब डॉलर की खरीदारी की
  • अक्टूबर के अंत में ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 115 डॉलर प्रति बैरल थी

Why it matters. JM फाइनेंशियल के अनुसार, ब्रेंट क्रूड की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आने पर ही विदेशी निवेश की बड़ी वापसी की उम्मीद की जा सकती है.

JM फाइनेंशियल के अनुसार, सितंबर 2026 तक के 24 महीनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय इक्विटी में 59.2 अरब डॉलर की बिकवाली की, और अक्टूबर के लगभग 5 अरब डॉलर के आउटफ्लो को जोड़ने पर कुल निकासी 64 अरब डॉलर तक पहुंच गई. रिपोर्ट के मुताबिक पिछले दो दशकों के डेटा में यह अब तक की सबसे लंबी और सबसे बड़ी बिकवाली है. इसके उलट घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने पिछले 12 महीनों में 91.7 अरब डॉलर की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया, जबकि निफ्टी का एक साल का फॉरवर्ड P/E घटकर 17.1 गुना रह गया है.

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दो साल में FIIs ने भारतीय शेयरों से लगभग 64 अरब डॉलर निकाले

JM फाइनेंशियल के अनुसार, पिछले दो सालों में FIIs ने भारतीय इक्विटी से लगभग 64 अरब डॉलर निकाले हैं. कम वैल्यूएशन और सस्तेश शेयर होने के बाद भी विदेशी निवेशकों की वापसी नहीं हुई है. आखिर क्यों? पिछले दो वर्षों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भारतीय इक्विटी से लगभग 64 अरब डॉलर निकाले हैं. जिसके बाद भारत का शेयर बाजार का वैल्यूएशन काफी कम हुआ और कई शेयर काफी सस्ते हो गए हैं. यहां तक की कमाई की संभावना भी काफी बढ़ गई हैं. इसके बावजूद विदेशी निवेशकों ने वापसी नहीं की है. JM फाइनेंशियल के अनुसार, इसकी मुख्य वजह कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में लगातार गिरावट का न होना हो सकती है.सितंबर 2026.

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