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सरकार विदेशी निवेशकों की बिकवाली रोकने के लिए LTCG और STT में बदलाव पर विचार कर रही है
सरकार विदेशी निवेशकों की बिकवाली रोकने को LTCG और STT में बदलाव पर विचार कर रही है
Key points
- फिलहाल एक साल से ज्यादा रखे लिस्टेड शेयरों पर 12.5 फीसदी LTCG टैक्स लगता है, जबकि एक साल तक होल्ड पर 20 फीसदी STCG लगता है।
- सूत्रों के मुताबिक RBI से लेकर सेबी तक कई पक्ष शेयरों पर LTCG खत्म करने के समर्थन में हैं।
- विदेशी निवेशकों का कहना है कि एशिया के कई प्रतिस्पर्धी बाजारों में LTCG नहीं लगता, और रुपये की गिरावट से डॉलर रिटर्न घटा है।
Why it matters. सरकार का कोई भी फैसला विदेशी निवेशकों की निकासी और सरकारी राजस्व दोनों पर असर डाल सकता है, इसलिए अंतिम फैसला असर की जांच के बाद ही होगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि वे LTCG को लेकर निवेशकों की चिंताओं पर गौर करेंगी, जबकि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार निकासी से शेयर बाजार में भारी गिरावट बनी हुई है। सूत्रों के मुताबिक RBI से लेकर सेबी तक कई लोग LTCG खत्म करने के पक्ष में हैं, और बैठक में ऑप्शंस ट्रेडिंग पर STT में मामूली बढ़ोतरी का सुझाव भी आया है। वित्त वर्ष 2025 में सरकार को LTCG से 1.29 लाख करोड़ रुपये और STT से 57,522 करोड़ रुपये मिले थे, इसलिए कटौती से पहले राजस्व नुकसान का हिसाब लगाया जाएगा।
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सरकार विदेशी निवेशकों की बिकवाली रोकने के लिए LTCG और STT में बदलाव पर विचार कर रही है
भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों की लगातार हो रही निकासी को रोकने के लिए केंद्र सरकार लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स को खत्म करने या घटाने के अलावा STT में बदलाव करने पर विचार कर रही है. FPI Outflow:भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ समय से भारी गिरावट देखने को मिल रही है. इसकी सबसे बड़ी वजह विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की ओर से लगातार हो रही पैसे की निकासी है. अब इस बिकवाली को रोकने के लिए केंद्र सरकार एक्शन मोड में आ गई है. सरकार लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स के साथ सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) के नियमों में बड़े बदलाव करने पर विचार कर रही है. वित्त मंत्री निर्मला.