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गलत FSL रिपोर्ट से जेल गईं अधिकारी; SOG जांच में डिप्टी डायरेक्टर दोषी पाए गए
गलत FSL रिपोर्ट से जेल गईं अधिकारी; SOG ने FSL अधिकारी डॉ. रमेश चौधरी को दोषी पाया
Key points
- एसओजी की जांच में FSL के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. रमेश चौधरी को दोषी माना गया है
- गृह विभाग ने 13 अक्टूबर को इस मामले में चार्जशीट सौंपी है
- बाद में हाईकोर्ट ने गलत रिपोर्ट पर आधारित कार्रवाई पर स्टे लगा दिया
Why it matters. फॉरेंसिक रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर सवाल उठा है, और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने ऐसे अधिकारी के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है.
राजस्थान में एसओजी की जांच में फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) के अधिकारी डॉ. रमेश चौधरी को दोषी माना गया है. आरोप है कि 2010 के बैनामे पर नोटरी श्रवण कुमार ओझा के हस्ताक्षरों की जांच में पुलिस ने 2016 के नमूने भेजे और चौधरी ने उनसे मिलान कर 'मिसमैच' की रिपोर्ट दी. गृह विभाग ने 13 अक्टूबर को इस मामले में चार्जशीट सौंपी है. इसी रिपोर्ट के आधार पर हेमलता कांकरिया और तीन अन्य आरोपी बन गए, जबकि बाद में हाईकोर्ट ने कार्रवाई पर स्टे लगा दिया.
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गलत FSL रिपोर्ट से जेल गईं अधिकारी; SOG जांच में डिप्टी डायरेक्टर दोषी पाए गए
पुलिस ने जांच के लिए वर्ष 2016 के दस्तावेज भेजे थे, जबकि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार तीन साल के दायरे वाले नमूनों से मिलान होना चाहिए था. हेमलता कांकरिया ने गिरफ्तारी के बाद शिकायत की थी. राजस्थान में फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) की एक गलत रिपोर्ट ने एक अधिकारी को जेल पहुंचा दिया.आरोप है कि हस्ताक्षरों की जांच में नियमों की अनदेखी कर गलत रिपोर्ट तैयार की गई, जिसके आधार पर तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हेमलता कांकरिया को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. अब इसी मामले में एसओजी की जांच में एफएसएल के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. रमेश चौधरी को दोषी माना गया है. जांच में रिपोर्ट तैयार करने की प्र.