
business
सोने की कीमत पर मेकिंग चार्ज पर अलग से 5 फीसदी टैक्स नहीं लगता है
मेकिंग चार्ज पर अलग से 5 फीसदी टैक्स नहीं लगता, गहनों की कुल रकम पर सिर्फ 3 फीसदी जीएसटी लागू होता है।
Key points
- सोने, चांदी और डायमंड के गहनों की कुल कीमत पर एक ही दर से 3 फीसदी जीएसटी लगता है।
- 5 फीसदी जीएसटी ज्वेलर और कारीगर (जॉब वर्कर) के बीच के लेनदेन से जुड़ा है, ग्राहक से वसूला नहीं जाता।
- 3 सितंबर 2025 को हुई 56वीं जीएसटी काउंसिल बैठक में गहनों के सेक्टर के लिए 3 फीसदी की दर बरकरार रखी गई।
Why it matters. अगर ज्वेलर मेकिंग चार्ज पर अलग टैक्स मांगे तो ग्राहक सावधान रहे, क्योंकि उदाहरण में ऐसी वसूली से उसकी जेब से 240 रुपये ज्यादा जाएंगे।
सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम्स (CBEC) के नियमों के मुताबिक ग्राहक से गहनों की कुल रकम पर सिर्फ 3 फीसदी जीएसटी लिया जाता है, चाहे बिल में मेकिंग चार्ज अलग लिखा हो या कुल कीमत में शामिल हो। 10 ग्राम सोने की चेन के उदाहरण में 1,28,000 रुपये सोने और 12,000 रुपये मेकिंग चार्ज से कुल 1,40,000 रुपये बनते हैं, जिस पर 4,200 रुपये टैक्स लगेगा। 5 फीसदी जीएसटी का जिक्र असल में ज्वेलर और कारीगर (जॉब वर्कर) के बीच के लेनदेन से जुड़ा है, जो ग्राहक के बिल में कभी नहीं जुड़ता।
Latest updates
सोने की कीमत पर मेकिंग चार्ज पर अलग से 5 फीसदी टैक्स नहीं लगता है
सोने या डायमंड के गहने खरीदते समय मेकिंग चार्ज पर अलग से 5 फीसदी टैक्स नहीं लगता है. सरकारी नियमों के तहत ज्वेलरी की कुल कीमत पर एक साथ सिर्फ 3 फीसदी जीएसटी ही वसूला जा सकता है. Gold Jewellery GST Rule: सोने, चांदी या डायमंड के गहने खरीदते समय ग्राहकों के मन में अक्सर टैक्स को लेकर उलझन रहती है. कई जगह ऐसी बातें सामने आती हैं कि सोने की कीमत पर 3 फीसदी के अलावा मेकिंग चार्ज पर अलग से 5 फीसदी जीएसटी देना पड़ता है. अगर कोई ज्वेलर आपसे मेकिंग चार्ज पर अलग से टैक्स मांग रहा है, तो आपको सावधान होने की जरूरत है. सेंट्रल बोर्ड ऑफ एक्साइज एंड कस्टम्स (CBEC) के नियमों के मुताबिक, ग्राहक को गहनों की कीम.