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1 नवंबर से लागू होंगे जीएसटी के नए नियम: 9.5 लाख छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं को राहत
केंद्र सरकार 1 नवंबर से जीएसटी के नए प्रशासनिक नियम लागू करेगी, 9.5 लाख छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं को राहत
Key points
- ई-कॉमर्स के छोटे विक्रेता उस राज्य के गोदाम को मुख्य व्यावसायिक स्थान घोषित कर सकेंगे, जहां भौतिक सत्यापन और आधार प्रमाणीकरण होगा।
- इलेक्ट्रॉनिक कैश लेजर की अतिरिक्त शेष राशि का पूरा रिफंड दावा बिना अधिकारी के हस्तक्षेप के सिस्टम द्वारा स्वतः मंजूर होगा।
- पोस्ट-सप्लाई डिस्काउंट पर पूर्व-मौजूदा समझौते और इनवॉइस-विशिष्ट लिंक की बाध्यता हटाई गई है।
Why it matters. सरकार के अनुसार इन बदलावों से एमएसएमई क्षेत्र में तरलता बढ़ने और छोटे कारोबारियों का अनुपालन बोझ घटने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार 1 नवंबर से जीएसटी के कई प्रशासनिक बदलाव लागू करेगी, जिससे लगभग 9.5 लाख छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं को राहत मिलेगी। 8 अक्तूबर को 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक में इन सुधारों को मंजूरी दी गई थी। जो विक्रेता ₹2.5 लाख तक का इनपुट टैक्स क्रेडिट पास करते हैं और राज्य में भौतिक मौजूदगी नहीं रखते, वे ई-कॉमर्स गोदाम को मुख्य व्यावसायिक स्थान घोषित कर सकेंगे। स्वचालित रिफंड में शून्य-दर आपूर्ति के दावों की 90 प्रतिशत राशि सिस्टम द्वारा अनंतिम आधार पर तुरंत स्वीकृत की जाएगी।
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1 नवंबर से लागू होंगे जीएसटी के नए नियम: 9.5 लाख छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं को राहत
देश में माल व सेवा कर (GST) व्यवस्था को अधिक सुलभ, पारदर्शी और कारोबार-अनुकूल बनाने की दिशा में केंद्र सरकार 1 नवंबर 2026 से कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक बदलाव लागू करने जा रही है। 8 अक्तूबर को आयोजित 57वीं जीएसटी परिषद की बैठक में स्वीकृत इन सुधारों को रविवार (1 नवंबर) से चरणबद्ध तरीके से प्रभावी किया जाएगा। इन सुधारों में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के छोटे विक्रेताओं के लिए सरलीकृत पंजीकरण प्रक्रिया, जीएसटी पंजीकरण के लिए एकीकृत दस्तावेजीकरण, प्रणाली-संचालित स्वचालित रिफंड और पोस्ट-सप्लाई डिस्काउंट के लिए आसान नियम मुख्य रूप से शामिल हैं। इन प्रशासनिक सुधारों से देश के लाखों एमएसएमई और.