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Container ship being towed in the Scheldt towards the Port of Antwerp, seen from Doel, Belgium (DSCF3880)
Photo: Illustrative image — Photo: Trougnouf, CC BY 4.0, via Wikimedia Commons

business

होर्मुज नाकेबंदी से अक्टूबर में उद्योगों की रफ्तार सुस्त, फैक्ट्री आउटपुट भी धीमा

होर्मुज नाकेबंदी के असर से अक्टूबर में भारत के उद्योगों की रफ्तार सुस्त रही और फैक्ट्री आउटपुट धीमा पड़ा

Updated 1 min read

Key points

  • खाड़ी युद्ध और होर्मुज युद्ध का असर भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर दिखने लगा है।
  • होर्मुज की नाकेबंदी से सप्लाई संकट पैदा हो गया है।
  • आयात-निर्यात पर असर पड़ रहा है और शिपिंग कंपनियों की मुश्किल बढ़ रही है।

Why it matters. सप्लाई संकट से आयात-निर्यात और शिपिंग कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा है, जिसका असर उद्योगों की रफ्तार पर दिख रहा है।

खाड़ी युद्ध और होर्मुज युद्ध का असर भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर दिखने लगा है। होर्मुज की नाकेबंदी ने सप्लाई संकट पैदा कर दिया है, और इसका असर आयात-निर्यात पर पड़ रहा है। शिपिंग कंपनियों की मुश्किलें भी लगातार बढ़ रही हैं, जिससे कारोबार की रफ्तार पर दबाव है।

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होर्मुज नाकेबंदी से अक्टूबर में उद्योगों की रफ्तार सुस्त, फैक्ट्री आउटपुट भी धीमा

खाड़ी युद्ध और होर्मुज युद्ध का असर भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर दिखने लगा है. होर्मुज की नाकेबंदी ने सप्लाई संकट पैदा कर दिया है. आयात-निर्यात पर असर पड़ रहा है, शिपिंग कंपनियों की मुश्किल बढ़ रही है. हिंदी न्यूज़ / बिजनेस / होर्मुज नाकेबंदी का असर, अक्टूबर में सुस्त रही उद्योगों की रफ्तार, कम मिले ऑर्डर से फैक्ट्री आउटपुट भी धीमा होर्मुज नाकेबंदी का असर, अक्टूबर में सुस्त रही उद्योगों की रफ्तार, कम मिले ऑर्डर से फैक्ट्री आउटपुट भी धीमा खाड़ी युद्ध और होर्मुज युद्ध का असर भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पर दिखने लगा है. होर्मुज की नाकेबंदी ने सप्लाई संकट पैदा कर दिया है. आयात-निर्यात पर अ.

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