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होर्मुज संकट से रॉटरडैम पोर्ट पर असर: कच्चे तेल टैंकरों की आवाजाही घट रही है
होर्मुज संकट के बीच रॉटरडैम पोर्ट पर कच्चे तेल के टैंकरों की आवाजाही घटी, यूरोप की सप्लाई पर असर
Key points
- रॉटरडैम पोर्ट पर आने वाले कुल शिप कार्गो में 49% हिस्सा तेल टैंकरों का है.
- यूरोपीय परिषद के अनुसार यूरोपीय संघ 2024 में अपनी जरूरत का करीब 97% कच्चा तेल आयात करता था.
- इंडियन बास्केट का कच्चा तेल 29 अक्टूबर 2026 को 114.6 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के ऊंचे स्तर पर था.
Why it matters. होर्मुज में तनाव से यूरोप की तेल और गैस सप्लाई पर असर आने वाले सर्दियों के मौसम से पहले दिखने लगा है, जिससे ऊर्जा सप्लाई की चिंता बढ़ रही है.
नीदरलैंड में यूरोप के सबसे बड़े बंदरगाह पर कच्चे तेल से भरे टैंकरों की संख्या घटी है, और यह जानकारी बंदरगाह के अधिकारियों ने NDTV को दी. अधिकारियों के अनुसार बंदरगाह पर आने वाले कुल शिप कार्गो में 49% हिस्सा तेल टैंकरों का होता है. यूरोपीय परिषद के मुताबिक यूरोपीय संघ 2024 में अपनी जरूरत का करीब 97% कच्चा तेल आयात करता था. भारत में इंडियन बास्केट का कच्चा तेल 29 अक्टूबर 2026 को 114.6 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर था, जबकि अक्टूबर में अब तक औसत 119.96 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है.
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होर्मुज संकट से रॉटरडैम पोर्ट पर असर: कच्चे तेल टैंकरों की आवाजाही घट रही है
होर्मुज संकट का असर यूरोप के सबसे बड़े रॉटरडैम पोर्ट पर दिखने लगा है. कच्चे तेल के टैंकरों की संख्या घटी, जानिए भारत और यूरोप की तेल सप्लाई पर इसका क्या असर पड़ रहा है. मध्यपूर्व एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब दुनिया के तेल बाजार के साथ-साथ यूरोप की तेल सप्लाई पर भी दिखने लगा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से तेल टैंकरों की आवाजाही में आ रही रुकावट ने यूरोप की चिंता बढ़ा दी है. इसका असर नीदरलैंड के हेग में स्थित यूरोप के सबसे बड़े 'रॉटरडैम पोर्ट' तक पहुंच गया है. यहां आने वाले कच्चे तेल से भरे टैंकरों की संख्या में कमी आई है. NDTV की विशेष ग्राउंड रिपोर्ट में जानिए यूरोप के इस अहम बंदरगाह पर होर्मुज स.