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IDBI बैंक के कर्मचारी 2 और 3 नवंबर को निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर
आईडीबीआई बैंक के कर्मचारी निजीकरण के विरोध में 2 और 3 नवंबर को दो दिन की देशव्यापी हड़ताल पर जा रहे हैं
Key points
- 10,000 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी 2 और 3 नवंबर को देशव्यापी दो दिवसीय हड़ताल पर जा रहे हैं.
- 48 घंटे की हड़ताल से बैंक शाखाओं के सामान्य कामकाज, चेक क्लियरेंस और काउंटर सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है.
- संगठन के अनुसार बैंक का नेट एनपीए अनुपात केवल 0.16 प्रतिशत और पूंजी पर्याप्तता अनुपात 26.38 प्रतिशत है.
Why it matters. निजीकरण के विरोध में हड़ताल से बैंक की शाखा और काउंटर सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है, जिससे ग्राहकों के काम प्रभावित हो सकते हैं.
यूनाइटेड फोरम ऑफ आईडीबीआई ऑफिसर्स एंड एम्प्लॉइज के आह्वान पर 10,000 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी दो दिन देशभर में हड़ताल पर रहेंगे. यूनियन ने निजीकरण प्रक्रिया वापस लेने की मांग की है और बैंक के टर्नअराउंड को केंद्र सरकार, एलआईसी और कर्मचारियों की मेहनत का नतीजा बताया है. संगठन के अनुसार बैंक ने पिछले छह वर्षों में 30,100 करोड़ रुपए से अधिक का संचयी शुद्ध लाभ दर्ज किया और सकल एनपीए 2018 के 31.78 प्रतिशत से घटकर 2.30 प्रतिशत रह गया.
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IDBI बैंक के कर्मचारी 2 और 3 नवंबर को निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर
IDBI Bank Strike: आईडीबीआई बैंक के निजीकरण के खिलाफ कर्मचारी 2 और 3 नंवबर को हड़ताल पर रहेंगे. कर्मचारी यूनियन का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में बैंक की वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. संगठन के मुताबिक, पिछले छह वर्षों में बैंक ने 30,100 करोड़ रुपए से अधिक का शुद्ध लाभ दर्ज किया है. नई दिल्ली. यदि आपका खाता आईडीबीआई (IDBI) बैंक में है तो यह खबर आपके काम की है. आईडीबीआई बैंक के 10,000 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी कल यानी 2 नवंबर और परसों 3 नवंबर को देशव्यापी दो दिवसीय हड़ताल पर जा रहे हैं. बैंक के प्रस्तावित निजीकरण के खिलाफ यूनाइटेड फोरम ऑफ आईडीबीआई ऑफिसर्स एंड एम्प्लॉइज ने इस हड़ताल.
आईडीबीआई बैंक के 10,000 से अधिक कर्मचारी 2-3 नवंबर को निजीकरण के विरोध में हड़ताल करेंगे
आईडीबीआई बैंक के निजीकरण की प्रस्तावित योजना के खिलाफ कर्मचारियों ने आंदोलन का एलान किया है। बैंक के 10,000 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी 2 और 3 नवंबर को दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल करेंगे। यह फैसला यूनाइटेड फोरम ऑफ आईडीबीआई ऑफिसर्स एंड एम्प्लॉइज ने लिया है। संगठन ने केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन से निजीकरण की प्रक्रिया रोकने की मांग की है। ये भी पढ़ें: त्योहारी सीजन में यूपीआई का धमाका: अक्तूबर में 31.53 लाख करोड़ रुपये पहुंचा लेनदेन, कितनी हुई बढ़ोतरी? कर्मचारी संगठन का कहना है कि बैंक की मौजूदा वित्तीय स्थिति में सुधार के पीछे किसी निजी निवेशक का योगदान नहीं है। इसके बजाय सरकार, भारतीय जीवन बीम.