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भारत ने तीन स्वदेशी एआई मॉडल पेश किए, कुछ बिना इंटरनेट के भी काम करेंगे
भारत ने इंडियाAI मिशन के तहत तीन स्वदेशी एआई मॉडल पेश किए, जो भारतीय भाषाओं में काम करते हैं।
Key points
- EKA-1 में 26.3 अरब पैरामीटर हैं और यह भारत की सभी 22 अनुसूचित भाषाओं के साथ अंग्रेजी में भी काम कर सकता है
- धीर 2B और धीर 5B हल्के AI मॉडल हैं, जिन्हें सरकारी विभाग और कंपनियां अपने सिस्टम पर चला सकती हैं
- दोनों कंपनियों को इंडियाAI मिशन के तहत रियायती दरों पर कंप्यूटिंग संसाधन और शोध खर्च के लिए सहायता दी गई
Why it matters. इन मॉडलों की मदद से कम इंटरनेट वाले इलाकों में भी AI सेवाओं का उपयोग संभव हो सकता है, और यूजर का डेटा डिवाइस पर ही रह सकता है।
इंडियाAI मिशन के तहत तीन नए AI मॉडल EKA-1, धीर 2B और धीर 5B पेश किए गए। EKA-1 को सोकेट लैब्स टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च ने बनाया है, जिसमें 26.3 अरब पैरामीटर हैं और इसे करीब 7.5 लाख करोड़ टोकन पर प्रशिक्षित किया गया है। धीर 2B और धीर 5B को जेनटेकआईक्यू एआईटेक इनोवेशंस ने तैयार किया है, जो अंग्रेजी और 10 भारतीय भाषाओं में काम कर सकते हैं। सोकेट के सीईओ अभिषेक उप्परवाल के मुताबिक EKA-1 के कुछ काम मोबाइल फोन पर किए जा सकते हैं, जिनके लिए हर बार मोबाइल डेटा या वाई-फाई की जरूरत नहीं होगी।
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भारत ने तीन स्वदेशी एआई मॉडल पेश किए, कुछ बिना इंटरनेट के भी काम करेंगे
भारत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है। इंडियाAI मिशन के तहत देश में तैयार किए गए तीन नए AI मॉडल EKA-1, धीर 2B और धीर 5B पेश किए गए हैं। इनकी खासियत यह है कि ये भारतीय भाषाओं में काम करने के साथ कई जरूरी काम बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी कर सकते हैं। इनका इस्तेमाल सरकारी सेवाओं, बैंकिंग, साइबर सुरक्षा, शिक्षा और उद्योग जैसे क्षेत्रों में किया जा सकेगा। दो भारतीय कंपनियों ने तैयार किए मॉडल इन तीनों AI मॉडल को दो भारतीय कंपनियों ने विकसित किया है। EKA-1 को सोकेट लैब्स टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च ने बनाया है, जबकि धीर 2B और धीर 5B को जेनटेकआईक्यू.