
business
रूस‑यूक्रेन युद्ध के बाद भारतीय उद्यमी ने पोहे‑बीयर से 30 देशों में निर्यात का नया व्यापार स्थापित किया
भारतीय उद्यमी चंद्रमोहन नल्लूर ने पोहे से बीयर बनाकर 30 देशों तक निर्यात का व्यापार स्थापित किया।
Key points
- रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण पांच टन पोहे की डील टूटने के बाद 'मलयाली' बीयर ब्रांड की शुरुआत हुई।
- चंद्रमोहन नल्लूर का बीयर व्यवसाय वर्तमान में दुनिया के 30 देशों तक अपनी पहुंच बना चुका है।
- ऑपरेशन गंगा के दौरान नल्लूर ने सीमा पर पहुंचे भारतीयों के लिए हजारों सिम कार्ड और इंटरनेट डेटा उपलब्ध कराया।
Why it matters. यह कहानी दर्शाती है कि कैसे भू-राजनीतिक संकट के बीच बाजार की समझ और नवाचार के जरिए नए व्यापारिक अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
केरल के चंद्रमोहन नल्लूर ने पोलैंड में 'मलयाली' ब्रांड के तहत बीयर का व्यापार शुरू किया जो अब 30 देशों में निर्यात होता है। यह व्यवसाय रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वाराणसी के एक कारोबारी के पांच टन पोहे का सौदा टूटने के बाद शुरू हुआ। नल्लूर ने ऑपरेशन गंगा के दौरान सीमा पर फंसे भारतीयों को 5,000-6,000 सिम कार्ड और डेटा उपलब्ध कराने में मदद की। उन्होंने ईंधन की बढ़ती कीमतों और महंगे ट्रांसपोर्ट को वर्तमान लागत चुनौती बताया है।
Latest updates
रूस‑यूक्रेन युद्ध के बाद भारतीय उद्यमी ने पोहे‑बीयर से 30 देशों में निर्यात का नया व्यापार स्थापित किया
Successful Business : करीब साढ़े चार साल पहले जब रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से दुनिया को नई आपदा का सामना करना पड़ा था, उसी समय भारत के एक कारोबारी ने अपने लिए अवसर खोज लिया. उन्होंने एक डील कैंसिल होने पर पोहे से बीयर बनाकर बेची और यह एक्सपरीमेंट एक बिजनेस बन गया. आज उनकी बीयर दुनिया के 30 देशों में बिकती है. नई दिल्ली. रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग ने दुनिया के कारोबार को बुरी तरह प्रभावित किया. कहीं सप्लाई चेन टूटी, कहीं माल फंसा और कहीं कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव आया. लेकिन इसी जंग के बीच पोलैंड में रह रहे एक भारतीय के लिए मुश्किल हालात नए बिजनेस की शुरुआत बन गए. दिलचस्प बात यह है कि वह खु.