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Photo: Illustrative image — Photo: Daoducquan, CC BY-SA 4.0, via Wikimedia Commons

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क्रिसिल: 2030 तक भारत में डेटा सेंटर क्षमता 7.5 गीगावाट होने का अनुमान

क्रिसिल: भारत में डेटा सेंटर क्षमता मार्च 2030 तक 7.5 गीगावाट होने का अनुमान

Updated 1 min read

Key points

  • अगले चार वित्त वर्षों में डेटा सेंटर कारोबार में 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश आने की उम्मीद है
  • आने वाली डेटा सेंटर क्षमता का करीब आधा हिस्सा पहले ही लंबी अवधि के कॉन्ट्रैक्ट के तहत आवंटित हो चुका है
  • भारत में डेटा सेंटर बनाने की लागत एशिया-प्रशांत के कई प्रतिस्पर्धी बाजारों से करीब 20 फीसदी कम है

Why it matters. क्रिसिल के मुताबिक कम लागत और कम बिजली दरों से ग्लोबल कंपनियों के लिए भारत में डेटा सेंटर बनाना और चलाना ज्यादा किफायती हो सकता है।

क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2030 तक भारत में डेटा सेंटर की क्षमता करीब 5 गुना बढ़कर 7.5 गीगावाट हो सकती है। अगले चार वित्त वर्षों में इस कारोबार में 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश की उम्मीद है। क्रिसिल रेटिंग्स के निदेशक आनंद कुलकर्णी के अनुसार, यहां जमीन, निर्माण और मजदूरी की लागत एशिया-प्रशांत के कई प्रतिस्पर्धी बाजारों से करीब 20 फीसदी कम है। आने वाली क्षमता का करीब आधा हिस्सा पहले ही लंबी अवधि के कॉन्ट्रैक्ट में आवंटित हो चुका है।

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क्रिसिल: 2030 तक भारत में डेटा सेंटर क्षमता 7.5 गीगावाट होने का अनुमान

AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बढ़ता इस्तेमाल भारत में डेटा सेंटर के कारोबार को नई रफ्तार देने वाला है. क्रिसिल की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2030 तक देश में डेटा सेंटर की क्षमता करीब 5 गुना बढ़कर 7.5 गीगावाट हो सकती है. अगले चार वित्त वर्षों में इस सेक्टर में 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश आने का अनुमान है। मुंबई, हैदराबाद और विशाखापत्तनम इस कारोबार के बड़े केंद्र बन सकते हैं. AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का क्रेज अब सिर्फ चैटबॉट और टेक कंपनियों तक नहीं रहने वाला. इसके चलते एक ऐसा कारोबार तेजी से बड़ा होने जा रहा है, जहां आने वाले 4 साल में 3 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश हो सक.

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