Skip to footer
Stock-exchange-trading-floor
Photo: Illustrative image — Photo: S.aderogba, CC BY-SA 4.0, via Wikimedia Commons

business

सितंबर तिमाही में भारत की सोना निवेश मांग 12% बढ़कर लगभग 60 टन पहुंची

भारत की सोना निवेश मांग सितंबर तिमाही में 12% बढ़कर लगभग 60 टन पर पहुंची

Updated 1 min read

Key points

  • सितंबर तिमाही में बार और सिक्कों की मांग पिछली तिमाही से 9% बढ़कर 55 टन हो गई
  • मई में सोने पर आयात शुल्क में 9 प्रतिशत अंकों की बढ़ोतरी का असर मांग पर पड़ा
  • 2026 के पहले नौ महीनों में डिजिटल गोल्ड की मांग 76 फीसदी बढ़कर 16.3 टन हो गई

Why it matters. WGC का कहना है कि म्यूचुअल फंड हाउसेस द्वारा गोल्ड फंड ऑफ फंड्स में नए सब्सक्रिप्शन रोके जाने पर नजर रखने की जरूरत है, हालांकि कुल ETF प्रवाह पर इसका असर सीमित रहने की उम्मीद है.

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने मंगलवार को जारी 'इंडिया फोकस' रिपोर्ट में बताया कि सितंबर तिमाही में भारत की कुल सोना निवेश मांग 12% बढ़कर लगभग 60 टन हो गई. इसमें सबसे बड़ा हिस्सा 'बार और सिक्कों' का रहा, जिनकी मांग पिछली तिमाही से 9% बढ़कर 55 टन पहुंची, हालांकि सालाना आधार पर इसमें 40 फीसदी की गिरावट आई. संस्था के अनुसार इसकी वजह पिछले साल का ऊंचा आधार और कीमतों में तेजी की रफ्तार धीमी पड़ना है. गोल्ड ETF में मांग 3.6 टन से बढ़कर 5.3 टन हो गई.

Latest updates

सितंबर तिमाही में भारत की सोना निवेश मांग 12% बढ़कर लगभग 60 टन पहुंची

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, सितंबर तिमाही में भारत में सोने के निवेश की मांग पिछली तिमाही के मुकाबले 12 फीसदी बढ़कर लगभग 60 टन हो गई. यह पिछले साल के स्तर से नीचे ही रही. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की मंगलवार को जारी 'इंडिया फोकस' रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर तिमाही में भारत में सोने के निवेश का सबसे बड़ा जरिया 'बार और सिक्के' (सोने की ईंटें और सिक्के) रहे. इनकी मांग पिछली तिमाही के मुकाबले 9% बढ़कर 55 टन हो गई, हालांकि पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले इसमें 40 फीसदी की गिरावट आई. यह गिरावट एक तरफ तो पिछले साल के हाई बेस के कारण दिखी, और दूसरी तरफ कीमतों में तेजी की रफ्तार कम होने से निवेशकों.

Sources

Topics