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सोने की ऊंची कीमतों से भारत में मांग छह साल के निचले स्तर पर पहुंचने का अनुमान
सोने की ऊंची कीमतों से भारत में मांग छह साल के निचले स्तर पर आने का अनुमान
Key points
- सितंबर तिमाही में सोने की मांग साल-दर-साल 29% घटकर 162.5 टन रह गई
- इस साल के पहले नौ महीनों में ज्वेलरी की कुल मांग लगभग 650 टन रहने का अनुमान है
- भारत में आधी से ज्यादा सोने की मांग ग्रामीण इलाकों से आती है
Why it matters. ऊंचे दाम और कमजोर ग्रामीण आय से सोने की मांग घट सकती है, जबकि त्योहारी मौसम से दिसंबर तिमाही में सुधार की संभावना जताई गई है.
विश्व गोल्ड काउंसिल (WGC) ने मंगलवार 3 नवंबर को कहा कि सोने के ऊंचे दामों से भारत में ज्वेलरी और निवेश, दोनों की मांग घटी है. मुख्य कार्यकारी अधिकारी (भारत) सचिन जैन के मुताबिक इस साल की पहली नौ महीनों में कुल मांग लगभग 650 टन रहेगी, जो 2020 के बाद सबसे कम है, और सितंबर तिमाही में मांग 29% घटकर 162.5 टन रह गई. उनके अनुसार भारत की आधी से ज्यादा मांग ग्रामीण इलाकों से आती है, जहां खराब मानसून से किसानों की आय घटी है, जबकि दिसंबर तिमाही में त्योहारों से सुधार की संभावना है.
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सोने की ऊंची कीमतों से भारत में मांग छह साल के निचले स्तर पर पहुंचने का अनुमान
इस साल सोने के दाम तेजी से बढ़े हैं. इसका असर भारत की सोने की मांग छह साल केनिचले स्तर पर आने की उम्मीद है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने मंगलवार 3 नवंबर कोकहा कि सोना महंगा होने से ज्वेलरी की खरीद घटी है और निवेश मांग में भी कमी आई है.सोने-चांदी की कीमतों में आई इस तेजी की वजह से इस बार धनतेरस और दिवाली का त्योहारफीका रहने वाला है. इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के बाद भारत सोने का दुनिया मेंदूसरा सबसे बड़ा सोने का उपभोक्ता है. ईरान युद्ध और घरेलू परिस्थितियों की वजह सेभारत में महंगाई बढ़ी है. पिछले साल नवंबर की तुलना में गोल्ड के दाम 16.5% तकमहंगे हुए हैं. बढ़ी हुई कीमतों की व.