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अक्टूबर में मैन्युफैक्चरिंग की रफ्तार सुस्त, नए ऑर्डर घटे
भारत के विनिर्माण क्षेत्र की रफ्तार अक्टूबर में धीमी पड़ी, नए ऑर्डर घटे; पीएमआई 54.7 पर
Key points
- भारत का विनिर्माण पीएमआई सितंबर के 55.1 से घटकर अक्टूबर में 54.7 पर आया, जो अब भी 50 से ऊपर है.
- नए निर्यात ऑर्डर मजबूत अंतरराष्ट्रीय मांग के कारण छह महीने के उच्च स्तर पर पहुंचे.
- करीब 18 फीसदी विनिर्माताओं ने अगले एक साल में उत्पादन बढ़ने की उम्मीद जताई.
Why it matters. कारोबारी भरोसे के दीर्घकालिक औसत से नीचे रहने और नई नौकरियों की धीमी रफ्तार से आगे विकास की गति पर असर पड़ सकता है.
एचएसबीसी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर में भारत के विनिर्माण क्षेत्र की रफ्तार सितंबर के 55.1 से घटकर 54.7 पर आ गई, जो अब भी 50 से ऊपर है. कंपनी की मुख्य भारत अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा कि नए निर्यात ऑर्डर छह महीने के उच्च स्तर पर पहुंचे और उत्पादकों ने कच्चे माल का भंडार आठ महीने में सबसे अधिक बढ़ाया. करीब 18 फीसदी विनिर्माताओं ने अगले एक साल में उत्पादन बढ़ने की उम्मीद जताई, जबकि कारोबारी भरोसा सितंबर से कमजोर होकर दीर्घकालिक औसत से नीचे रहा.
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अक्टूबर में मैन्युफैक्चरिंग की रफ्तार सुस्त, नए ऑर्डर घटे
Industrial Growth : एचएसबीसी इंडिया ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि अक्टूबर महीने में मैन्युफैक्चिरंग सेक्टर की ग्रोथ सुस्त रही. इस दौरान नए ऑर्डर में कमी आई जिससे फैक्ट्री का उत्पादन भी कम रहा है. हालांकि, कंपनियों ने लागत का दबाव कम होने की वजह से आगे ग्रोथ बढ़ाने की उम्मीद जताई है. नई दिल्ली. नए ऑर्डर में कमी आने की वजह से अक्टूबर में भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की रफ्तार धीमी पड़ गई है. उत्पादन और नए ऑर्डर में धीमी वृद्धि इसकी मुख्य वजह रही. हालांकि, लागत का दबाव कम रहने से सुस्ती ज्यादा नहीं दिखी. एचएसबीसी इंडिया ने 2 नवंबर को जारी रिपोर्ट में बताया है कि विनिर्माण क्रय प्रबंधक.