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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना को एआई और ड्रोन तकनीक पर ध्यान देने का निर्देश दिया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना को एआई और ड्रोन तकनीक अपनाकर अगले 20-30 साल की रणनीतिक तैयारी करने का निर्देश दिया।
Key points
- रक्षा मंत्री ने सेना को एआई, स्वायत्त प्रणालियों और साइबर सुरक्षा जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने का निर्देश दिया।
- वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये और निर्यात 38 हजार करोड़ रुपये के उच्च स्तर पर रहा।
- सम्मेलन के दौरान भविष्य के संघर्षों से निपटने के लिए एक व्यापक ढांचा प्रदान करने वाला थल युद्ध सिद्धांत जारी किया गया।
Why it matters. यह पहल भारतीय सेना को आधुनिक युद्ध तकनीकों से लैस कर भविष्य की भू-राजनीतिक चुनौतियों और बदलते युद्ध प्रणालियों के प्रति अधिक सक्षम बना सकती है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में सेना कमांडरों के सम्मेलन में अधिकारियों को अगले 20-30 साल की रणनीतिक तैयारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने एआई, ड्रोन, साइबर सुरक्षा और डेटा विश्लेषण जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया। सिंह ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये और निर्यात 38 हजार करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इस दौरान उन्होंने थल युद्ध सिद्धांत दस्तावेज जारी किया और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों के जवानों को सम्मानित किया।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना को एआई और ड्रोन तकनीक पर ध्यान देने का निर्देश दिया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सेना के शीर्ष अधिकारियों से भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए अगले 20 से 30 साल की रणनीतिक तैयारी करने को कहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेना को न केवल मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार रहना होगा, बल्कि बदलती तकनीक और युद्ध के तरीकों को देखते हुए भविष्य की जरूरतों के हिसाब से भी अपनी क्षमताएं बढ़ानी होंगी। नई दिल्ली में सेना कमांडरों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने भू-राजनीतिक और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखने तथा जरूरत के अनुसार रणनीति बदलने पर जोर दिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि सैन्य रणनीति ऐसी होनी चाहिए, जिसमें बदलते ह.