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भारतीय रियल एस्टेट बाजार 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर पहुंच सकता है

भारतीय रियल एस्टेट बाजार 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर पहुंच सकता है, जैसा कि ANAROCK और FICCI की रिपोर्ट में बताया गया है।

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Key points

  • 2020 के मुकाबले 2026 के पहले 9 महीनों में घरेलू फंड्स का निवेश करीब 6.4 गुना बढ़कर 2.6 अरब डॉलर हो गया।
  • 2025 में निर्माणाधीन प्रॉपर्टी की कुल वैल्यू 503 अरब डॉलर थी, जिसमें रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी की हिस्सेदारी 85 फीसदी रही।
  • रियल एस्टेट सेक्टर का GDP में योगदान 2017 के 6 फीसदी से बढ़कर 2030 तक 13 फीसदी होने का अनुमान है।

Why it matters. घरेलू पूंजी की बढ़ती भूमिका और डेटा सेंटर जैसे नए क्षेत्रों में निवेश से भारतीय अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे के विस्तार में तेजी आ सकती है।

ANAROCK और FICCI ने एक रिपोर्ट जारी की जिसमें भारतीय रियल एस्टेट बाजार के 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 5.8 ट्रिलियन डॉलर होने का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार 2026 के पहले 9 महीनों में 6.1 अरब डॉलर का प्राइवेट इक्विटी निवेश हुआ, जिसमें घरेलू फंड्स की हिस्सेदारी 42 फीसदी रही। निवेश का रुझान अब डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक्स की ओर बढ़ा है, जबकि मुंबई को कुल PE निवेश का 49 फीसदी मिला।

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भारतीय रियल एस्टेट बाजार 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर पहुंच सकता है

ANAROCK-FICCI की रिपोर्ट भारतीय रियल एस्टेट में निवेश के बढ़ते पैमाने और बदलते स्वरूप की तस्वीर पेश करती है. बाजार के 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने का अनुमान, घरेलू निवेश में 6.4 गुना बढ़ोतरी और डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में बढ़ती दिलचस्पी इस बदलाव के प्रमुख संकेत हैं. भारत का रियल एस्टेट बाजार आने वाले बरसों में बड़ा आकार ले सकता है. ANAROCK और FICCI की नई रिपोर्ट 'द चेंजिंग लैंडस्कैप ऑफ रियल एस्टेट इंवेस्टमेंट' के मुताबिक, 2025 में भारतीय रियल एस्टेट बाजार का आकार 600 अरब डॉलर था. अनुमान है कि 2030 तक ये बढ़कर 1 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 5.8 ट्रिलियन डॉलर हो सकता है. और पढ़ेंरिपोर्ट में.

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