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Courthouse, Dannevirke, New Zealand 21
Photo: Illustrative image — Photo: Michal Klajban, CC BY-SA 4.0, via Wikimedia Commons

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कोलकाता नगर निगम चुनाव की अधिसूचना पर हाईकोर्ट की रोक, परिसीमन विवाद पर सुनवाई

कोलकाता नगर निगम चुनाव की अधिसूचना पर हाईकोर्ट ने रोक लगाई, परिसीमन विवाद की याचिका पर सुनवाई जारी रहेगी।

Updated 1 min read

Key points

  • हाईकोर्ट की दो सदस्यीय पीठ में जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य और जस्टिस अर्जुन रे मुखर्जी शामिल थे।
  • याचिकाकर्ता दीपू दास ने 11 सितंबर को जारी अधिसूचना रद्द करने और परिसीमन को शून्य घोषित करने की मांग की है।
  • एकल पीठ ने 29 अक्टूबर को दीपू दास की अंतरिम रोक की मांग स्वीकार नहीं की थी।

Why it matters. कोलकाता नगर निगम चुनाव की प्रक्रिया फिलहाल आगे नहीं बढ़ सकेगी, और परिसीमन याचिका पर फैसले के बाद ही अधिसूचना का रास्ता साफ हो सकेगा।

शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने राज्य निर्वाचन आयोग से कहा कि परिसीमन याचिका का निपटारा होने तक चुनाव की अधिसूचना जारी न की जाए। यह याचिका पूर्व माकपा पार्षद दीपू दास ने दाखिल की है, जो 11 सितंबर को जारी अधिसूचना रद्द करने की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि परिसीमन वास्तविक आबादी के बजाय मतदाता सूची पर हुआ, जबकि योजना के तहत वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 की जानी है।

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कोलकाता नगर निगम चुनाव की अधिसूचना पर हाईकोर्ट की रोक, परिसीमन विवाद पर सुनवाई

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में नगर निगम चुनाव की तैयारी को बड़ा झटका लगा है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य निर्वाचन आयोग को निर्देश दिया है कि वार्डों के परिसीमन से जुड़ी याचिका का निपटारा होने तक चुनाव की अधिसूचना जारी न की जाए। अदालत के इस आदेश के बाद कोलकाता नगर निगम चुनाव की प्रक्रिया फिलहाल आगे नहीं बढ़ सकेगी। विवाद नगर निगम के वार्डों की संख्या और उनकी सीमाएं तय करने को लेकर है। नगर निगम ने आगामी चुनाव से पहले वार्डों का नए सिरे से परिसीमन करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत वार्डों की संख्या 144 से बढ़ाकर 209 किए जाने की योजना है। हाईकोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ने शुक्रवार को यह आदेश दि.

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