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विश्व गोल्ड काउंसिल: 2026 में भारत की सोने की मांग छह साल के निचले स्तर पर आ सकती है
घरेलू म्यूचुअल फंड ने अप्रैल-सितंबर में 2.64 लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदकर विदेशी बिकवाली का असर संभाला।
Key points
- विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने अप्रैल-सितंबर में करीब 1.29 लाख करोड़ रुपये के शेयरों की नेट बिकवाली की।
- सितंबर में एसआईपी के जरिए रिकॉर्ड 32,490 करोड़ रुपये का निवेश आया।
- वित्त वर्ष 2025-26 में घरेलू फंड की नेट खरीदारी 5.35 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि विदेशी बिकवाली 2.06 लाख करोड़ रुपये थी।
Why it matters. रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू फंड और एसआईपी से मिल रहे नियमित निवेश से विदेशी पूंजी पर बाजार की निर्भरता कम हो रही है, हालांकि कंपनियों के प्रदर्शन और वैश्विक घटनाओं का असर बना रहता है।
विश्व गोल्ड काउंसिल (WGC) ने मंगलवार को कहा कि ऊंची कीमतों से आभूषण बिक्री और निवेश दोनों पर असर पड़ा है। WGC के भारतीय ऑपरेशंस के मुख्य कार्यकारी सचिन जैन के अनुसार, 2026 में कुल मांग लगभग 650 मीट्रिक टन रह सकती है, जो 2020 के बाद का सबसे निचला स्तर होगा। सितंबर तिमाही में सोने की मांग पिछले साल से 29 फीसदी गिरकर 162.5 मीट्रिक टन रह गई, जिसमें आभूषण खरीद 20 फीसदी और निवेश मांग 40 फीसदी घटी। कमजोर मानसून से ग्रामीण आय पर दबाव है, हालांकि दिसंबर तिमाही में दिवाली और शादी के सीजन से सुधार की उम्मीद जताई गई है।
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विश्व गोल्ड काउंसिल: 2026 में भारत की सोने की मांग छह साल के निचले स्तर पर आ सकती है
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने कहा है कि 2026 में भारत में सोने की मांग गिरकर छह साल के निचले स्तर, यानी लगभग 650 टन पर आ सकती है. इसकी वजह सोने की रिकॉर्ड-तोड़ कीमतें, कमजोर मानसून हैं. भारत में फेस्टिव वीक शुरू हो चुका है. 3 नवंबर यानी आज सोने के भाव में 1500 रुपए से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है. इस गिरावट का प्रमुख कारण गोल्ड की डिमांड में कमी आना भी है. जी हां, वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की एक रिपोर्ट सामने आई है. जिसने सभी को चौंका दिया है. भारत में सोने के दाम ज्यादा होने की वजह से डिमांड 6 साल के लोअल लेवल पर चली गई है. जिसकी वजह से कीमतों में गिरावट आई है. संभावना इस बात की भी इसका असर आने.
जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में जीरो-शुगर कोल्ड ड्रिंक्स की बिक्री दोगुनी होने की रिपोर्ट
भारत में लोग तेजी से मीठी कोल्ड ड्रिंक्स से दूरी बना रहे हैं. जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में पेप्सीको और कोका-कोला की जीरो-शुगर ड्रिंक्स की बिक्री दोगुनी हो गई है. इससे कंपनियों को भारी मुनाफा हुआ है. Soft Drinks Market: भारत के 60 हजार करोड़ रुपये के सॉफ्ट ड्रिंक बाजार में इस वक्त एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. लोग अब मीठी कोल्ड ड्रिंक्स पीने से बच रहे हैं. इसकी जगह बिना शक्कर या कम शक्कर वाली ड्रिंक्स लोगों की पहली पसंद बनती जा रही हैं. जुलाई से सितंबर 2026 की तिमाही के आंकड़े बताते हैं कि पेप्सीको के कुल वॉल्यूम में जीरो-शुगर व लो-शुगर ड्रिंक्स की हिस्सेदारी दोगुनी होकर रिकॉर्ड 88 फी.
केंद्र ने भारतीय वायुयान नियम 2026 अधिसूचित किए, आपात स्थिति में किराये में हस्तक्षेप की व्यवस्था
Government New Airfare Rules: फ्लाइट टिकट की कीमतों पर सरकार का बड़ा कदम, भारतीय वायुयान नियम, 2026 के तहत किसी भी आपात परिस्थितियों में सरकार एयरलाइंस के किराए पर सीधा हस्तक्षेप कर सकेगी. जानिए यात्रियों को कैसे मिलेगा सीधा फायदा. Airfare Rules 2026: हवाई यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है. केंद्र सरकार ने 'भारतीय वायुयान नियम, 2026' अधिसूचित कर दिया है, जिसके तहत अब किसी भी आपात स्थिति या जरूरत पड़ने पर सरकार को फ्लाइट टिकटों के दामों पर सीधा हस्तक्षेप करने का अधिकार मिल गया है. नए नियमों में टिकट के किराए को लेकर पारदर्शिता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है. तेल की बढ़ती कीमतों के.
लावा ने 15 नवंबर 2026 से सभी स्मार्टफोन की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया
भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड Lava ने अपने सभी स्मार्टफोन की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है. 15 नवंबर 2026 से कंपनी के स्मार्टफोन पहले के मुकाबले महंगे हो जाएंगे. जानें Lava के फोन कब से महंगे होंगे, कीमतें बढ़ाने के पीछे क्या वजह है और खरीदारी करने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे लोगों के लिए एक जरूरी खबर है. भारतीय स्मार्टफोन ब्रांड Lava ने अपने फोन की कीमतें बढ़ाने का फैसला किया है. 15 नवंबर 2026 से कंपनी के सभी स्मार्टफोन पहले के मुकाबले महंगे हो जाएंगे. कुछ मॉडल की कीमत में 3,000 रुपये तक का इजाफा हो सकता है. ऐसे में अगर आप Lava का फोन लेने की तैयारी कर रहे.