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अमेरिकी स्टार्टअप मैराथन फ्यूजन ने लैब में सोना बनाने का किया दावा
अमेरिकी स्टार्टअप मैराथन फ्यूजन ने लैब में पारे को असली और स्थिर सोने में बदलने का दावा किया है।
Key points
- मैराथन फ्यूजन ने मर्करी-198 को मर्करी-197 और फिर स्थिर सोना-197 में बदलने की तकनीक का दावा किया है।
- CERN ने 2015-2018 के बीच लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर के जरिए लगभग 29 पिकोग्राम सोने के नाभिक बनाए थे।
- दुनिया की खदानों ने 2025 में करीब 3,672 टन सोने का उत्पादन किया था।
Why it matters. यदि यह तकनीक कम लागत में सुरक्षित और बड़े पैमाने पर उत्पादन में सफल होती है, तो यह भविष्य में सोने की बाजार कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
सैन फ्रांसिस्को की स्टार्टअप मैराथन फ्यूजन ने 21 अक्टूबर को X पर पारे को स्थिर सोने में बदलने का दावा किया। कंपनी ने न्यूक्लियर ट्रांसम्यूटेशन तकनीक का उपयोग कर CERN के रिकॉर्ड को 10 गुना पीछे छोड़ने की बात कही है। तुषार जैन के अनुसार, लैब में बने हीरों की तरह यह भविष्य में कीमतों को प्रभावित कर सकता है, हालांकि रेडियोधर्मिता और लागत बड़ी चुनौतियां हैं। कंपनी ने 2025 के एक पेपर में सालाना दो टन सोना बनाने का अनुमान लगाया था।
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अमेरिकी स्टार्टअप मैराथन फ्यूजन ने लैब में सोना बनाने का किया दावा
अमेरिका की स्टार्टअप कंपनी मैराथन फ्यूजन ने लैब में सोना बनाने का दावा किया है. लेकिन यह अभी व्यावसायिक उत्पादन नहीं है. सवाल ये है कि अगर लैब में सोना बना तो क्या बाजार में इसकी कीमतें कम हो जाएंगी? सोने की कीमतों में गिरावट के बीच अब एक नई वैज्ञानिक खोज ने सबका ध्यान खींचा है. अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को की स्टार्टअप कंपनी मैराथन फ्यूजन ने दावा किया है कि उसने पारे यानी मरकरी को असली और स्थिर सोने में बदलने में सफलता हासिल की है. कंपनी ने 21 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह जानकारी दी थी. हालांकि, कंपनी ने अब तक यह नहीं बताया है कि उसके प्रयोग में कितना सोना बना और इसके वैज्ञानिक आंक.