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Winn-Dixie supermarket interior, Miami Florida 14 May 2024 - 1
Photo: Illustrative image — Photo: Phillip Pessar, CC BY 2.0, via Wikimedia Commons

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महंगाई या मोहभंग? कोरोना के बाद पहली बार सोने का इतना बुरा हाल

महंगाई या मोहभंग? कोरोना के बाद पहली बार सोने का इतना बुरा हाल

Updated 2 min read

Key points

  • जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत में आभूषणों की मांग 20 फीसदी घटकर 99.9 टन रह गई
  • भारत का शुद्ध सोना आयात 46 प्रतिशत घटकर 114.1 टन रह गया
  • सितंबर तिमाही में दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने 321 टन सोना खरीदा, जो 42 फीसदी ज्यादा है

Why it matters. रिपोर्ट के अनुसार दिसंबर तिमाही में मांग में सुधार की उम्मीद है, हालांकि ऊंची कीमतें मांग पर दबाव बनाए रख सकती हैं।

वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने मंगलवार को बताया कि भारत में जुलाई-सितंबर तिमाही में सोने की मांग सालाना आधार पर 29 प्रतिशत घटकर 162.5 टन रह गई। इंपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी, कीमतों में तेज उछाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खरीदारी पर अंकुश लगाने की अपील को इस गिरावट की प्रमुख वजह बताया गया है। मांग की वैल्यू फिर भी 3 प्रतिशत बढ़कर 2,41,900 करोड़ रुपये हो गई। WGC के भारत में रीजनल सीईओ सचिन जैन के मुताबिक ज्वैलरी मांग 20 प्रतिशत घटकर 99.9 टन रह गई, जबकि उसकी वैल्यू 16 प्रतिशत बढ़कर 1,48,700 करोड़ रुपये हो गई।

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महंगाई या मोहभंग? कोरोना के बाद पहली बार सोने का इतना बुरा हाल

भारत में जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान सोने की मांग सालाना आधार पर 29 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 162.5 टन रह गई। इंपोर्ट ड्यूटी में बढ़ोतरी, कीमतों में तेज उछाल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा खरीदारी पर अंकुश लगाने की अपील, मांग में इस बड़ी गिरावट की प्रमुख वजहें बताई जा रही हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) ने मंगलवार को ये जानकारी दी। WGC के अनुमान के मुताबिक, इस पूरे साल भारत में सोने की मांग 625-675 टन रह सकती है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की मंगलवार को जारी 'तीसरी तिमाही 2026 में सोने की मांग के रुझान' रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की इसी तिमाही में सोने की मांग 229.8 टन रही थी। हालांकि, सोने की मांग की वैल्यू 3 प्रतिशत बढ़कर 2,41,900 करोड़ रुपये हो गई, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 2,35,090 करोड़ रुपये थी। इस दौरान सोने का औसत भाव 4262 अमेरिकी डॉलर प्रति ट्रॉय औंस (1,48,891 रुपये प्रति 10 ग्राम) रहा। 2025 की इसी अवधि में ये 3457 अमेरिकी डॉलर (1,02,287 रुपये) था। इन कीमतों में इंपोर्ट ड्यूटी और जीएसटी शामिल नहीं हैं। भारत में कुल ज्वैलरी मांग 2025 की दूसरी तिमाही के 125 टन के मुकाबले 20 प्रतिशत घटकर 99.9 टन रह गई। हालांकि, ऊंची कीमतों की वजह से वैल्यू के लिहाज से ये 16 प्रतिशत बढ़कर 1,48,700 करोड़ रुपये हो गई। डब्ल्यूजीसी के भारत में रीजनल सीईओ सचिन जैन ने कहा कि जुलाई-सितंबर तिमाही में भारत में सोने की मांग लगातार मजबूत बनी रही, हालांकि ऊंची कीमतों ने उपभोक्ताओं के खरीदारी के व्यवहार को प्रभावित किया। सचिन जैन ने बताया कि कुल मांग 162.5 टन रही और इसकी वैल्यू 2,41,900 करोड़ रुप.

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