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माइक्रोसॉफ्ट बॉन्ड बेचकर 25 अरब डॉलर का कर्ज जुटा रही है
माइक्रोसॉफ्ट 25 अरब डॉलर जुटाने के लिए बॉन्ड बेच रही है
Key points
- बॉन्ड के लिए करीब 115 अरब डॉलर के ऑर्डर मिले, जो कंपनी की जरूरत से करीब 4.6 गुना है
- कंपनी ने भारत, अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन के करीब 60 हजार कर्मचारियों को वॉलंटरी एग्जिट ऑफर दिया है
- कंपनी का कहना है कि कर्मचारियों को दिया गया बायआउट ऑफर कर्ज लेने की प्रक्रिया से बिल्कुल अलग फैसला है
Why it matters. कंपनी को इस बॉन्ड से लंबे समय के लिए फंड मिल जाएगा, जबकि नए डेटा सेंटर और सर्वर जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी निवेश करना होगा.
अमेरिकी टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट 10 अलग-अलग हिस्सों में बॉन्ड जारी करके 25 अरब डॉलर जुटा रही है, और इनकी पेशकश 4 नवंबर को बंद होगी. बॉन्ड के लिए करीब 115 अरब डॉलर के ऑर्डर मिले, जो कंपनी की जरूरत से करीब 4.6 गुना है, और ब्याज दरें 4.85% से 6.35% तक रखी गई हैं. कंपनी ने साल 2026 के लिए करीब 175 अरब डॉलर के पूंजीगत खर्च का अनुमान लगाया है, जिसके लिए एआई और डेटा सेंटर में भारी निवेश होना है. साल 2017 के बाद अमेरिका में कंपनी की यह पहली इन्वेस्टमेंट-ग्रेड डेट ऑफरिंग है.
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माइक्रोसॉफ्ट बॉन्ड बेचकर 25 अरब डॉलर का कर्ज जुटा रही है
माइक्रोसॉफ्ट बॉन्ड बेचकर 25 अरब डॉलर का कर्ज जुटा रहा है. कंपनी ने हाल ही में भारत समेत 4 देशों के 60 हजार कर्मचारियों को नौकरी छोड़ने का ऑफर दिया था. ये पैसा एआई डेटा सेंटर बनाने में खर्च होगा. टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने एक के बाद एक दो बड़े कदम उठाए हैं. इन फैसलों ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा है. कंपनी ने भारत, अमेरिका, कनाडा के साथ ब्रिटेन में काम करने वाले करीब 60 हजार कर्मचारियों को वॉलंटरी एग्जिट यानी अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ने का पैकेज ऑफर किया है. इस फैसले के कुछ ही दिनों बाद अब कंपनी कर्ज के बाजार में उतर गई है. माइक्रोसॉफ्ट बॉन्ड बेचकर 25 अरब डॉलर जुटा रहा है. कंपनी का कहना.