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Seat of the European Central Bank and Frankfurt Skyline at dawn 20150422 1
Photo: Illustrative image — Photo: DXR, CC BY-SA 4.0, via Wikimedia Commons

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पीएम मोदी: 'गरीबी हटाओ' कभी नारा नहीं रहा, यह हमारा प्रण है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट पर गरीबी में कमी के लिए 'गरीबी हटाओ' नारा नहीं बल्कि प्रण बताया।

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Key points

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट पर गरीबी हटाने के लिए 'गरीबी हटाओ' नारा नहीं बल्कि प्रण बताया।
  • 2011 से 2023 के बीच 49.6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले और गरीबी दर 27.1 प्रतिशत से 2.6 प्रतिशत तक गिर गई।
  • वर्ल्ड बैंक का अनुमान है कि 2028 तक प्रतिदिन 4.20 डॉलर की गरीबी रेखा पर गरीबी दर 12.1 प्रतिशत रह सकती है।

Why it matters. इस जानकारी से पता चलता है कि भारत में गरीबी में कमी के लिए सरकार ने प्रण बनाया है और वर्ल्ड बैंक का अनुमान है कि 2028 तक गरीबी दर 12.1 प्रतिशत रह सकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट को संदर्भित करते हुए कहा कि भारत में गरीबी में कमी के लिए 'गरीबी हटाओ' नारा नहीं बल्कि प्रण रहा है। वर्ल्ड बैंक के अनुसार 2011 से 2023 के बीच 49.6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले और गरीबी दर 27.1 प्रतिशत से 2.6 प्रतिशत तक गिर गई। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि उपभोग वृद्धि, रोजगार बढ़ोतरी और खाद्य सब्सिडी जैसे कारक इस कमी के मुख्य कारण हैं। वर्ल्ड बैंक का अनुमान है कि 2028 तक गरीबी दर 12.1 प्रतिशत रह सकती है।

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पीएम मोदी: 'गरीबी हटाओ' कभी नारा नहीं रहा, यह हमारा प्रण है

पीएम मोदी ने वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट पर कहा कि भारत में 'गरीबी हटाओ' कभी हमारा नारा नहीं रहा बल्कि यह हमारा प्रण था. उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया में सबसे तेजी से गरीबी में कमी दर्ज की गई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले एक दशक में देश में ऐतिहासिक रूप से गरीबी घटने की वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट पर कहा कि 'गरीबी हटाओ' कभी हमारा नारा नहीं रहा बल्कि यह हमारा प्रण था. उन्होंने कहा कि भारत में दुनिया में सबसे तेजी से गरीबी में कमी दर्ज की गई है. पीएम ने बताया कि वर्ल्ड बैंक के मुताबिक साल 2011 से 2023 के बीच 49.6 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि 2017 से 2023 के.

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