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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को पेट्रोकेमिकल हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को पेट्रोकेमिकल हब के रूप में विकसित करने और निवेशकों को आमंत्रित करने का लक्ष्य रखा।
Key points
- मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में पेट्रोकेमिकल्स, उर्वरक और दवाइयों के निर्माण की व्यापक संभावनाओं को रेखांकित किया।
- सागर जिले के बीना में 50 हजार करोड़ रुपये की लागत वाली डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल परियोजना की आधारशिला रखी जा चुकी है।
- बीना परियोजना से हर साल 22 लाख टन से अधिक पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार होने की संभावना जताई गई है।
Why it matters. मध्यप्रदेश में बड़े पैमाने पर पेट्रोकेमिकल निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास से प्लास्टिक, पैकेजिंग, फार्मा और ऑटोमोबाइल जैसे उद्योगों के लिए कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ सकती है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को मुंबई में आयोजित इंडिया केम-2026 के उद्घाटन सत्र में मध्यप्रदेश को पेट्रोकेमिकल हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा। उन्होंने देश-विदेश के निवेशकों को प्रदेश में उर्वरक, दवाइयों और रसायनों के निर्माण के लिए आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि सागर जिले के बीना में 50 हजार करोड़ रुपये की लागत से डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल परियोजना की आधारशिला रखी जा चुकी है। सरकार ने उम्मीद जताई है कि इससे हर साल 22 लाख टन से अधिक पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार होंगे।
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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्यप्रदेश को पेट्रोकेमिकल हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा
मध्यप्रदेश को रसायन और पेट्रोकेमिकल उद्योग के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गुरुवार को मुंबई में आयोजित इंडिया केम-2026 के उद्घाटन सत्र में देश-विदेश के निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पेट्रोकेमिकल्स, उर्वरक, दवाइयों और विभिन्न प्रकार के रसायनों के निर्माण की व्यापक संभावनाएं हैं। सरकार निवेशकों को जरूरी सुविधाएं, सहयोग और अनुकूल औद्योगिक माहौल उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2040 तक देश के रसायन और उर्वरक क्षेत्र से जुड़े कारोबार को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने.