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सीबीआई ने मुंबई‑आधारित आईएल एंड एफएस एनर्जी डेवलपमेंट पर 212.34 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी केस में FIR दर्ज की
सीबीआई ने आईएल एंड एफएस एनर्जी डेवलपमेंट पर 212.34 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में FIR दर्ज की।
Key points
- सीबीआई ने आईएल एंड एफएस एनर्जी डेवलपमेंट और उसके पांच निदेशकों के खिलाफ आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है।
- कंपनी ने बैंक से लिए गए 100 करोड़ रुपये और 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर के फंड को सहयोगी कंपनियों में डायवर्ट कर दिया।
- जांच एजेंसी ने मुंबई, दिल्ली और नोएडा में तलाशी के दौरान बैंक लेजर और संपत्तियों के विवरण वाले अहम दस्तावेज बरामद किए हैं।
Why it matters. इस मामले से बैंक फंड के दुरुपयोग और कॉर्पोरेट धोखाधड़ी के जरिए वित्तीय संस्थानों को होने वाले बड़े नुकसान का पता चलता है।
सीबीआई ने कैनरा बैंक की शिकायत पर मुंबई स्थित आईएल एंड एफएस एनर्जी डेवलपमेंट और सुनील वाधवा सहित पांच निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों पर सिंडिकेट बैंक की मुंबई शाखा से 100 करोड़ रुपये और लंदन शाखा से 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर के लोन का दुरुपयोग करने का आरोप है। इस धोखाधड़ी से बैंक को 212.34 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। 21 अक्तूबर को सीबीआई ने दिल्ली, नोएडा और मुंबई में तलाशी लेकर बैंक दस्तावेज और म्यूचुअल फंड पोर्टफोलियो जैसे कागजात बरामद किए।
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सीबीआई ने मुंबई‑आधारित आईएल एंड एफएस एनर्जी डेवलपमेंट पर 212.34 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी केस में FIR दर्ज की
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कैनरा बैंक, सर्कल ऑफिस, बांद्रा (पूर्व), मुंबई की शिकायत पर आईएल एंड एफएस एनर्जी डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड और इसके प्रबंध निदेशकों/निदेशकों, सुनील वाधवा, अनूप सेठ, हरि शंकरन, रमेश चंद्र बावा, अरुण कुमार साहा के साथ-साथ अज्ञात लोक सेवकों और अज्ञात निजी व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इन पर धोखाधड़ी के लिए आपराधिक साजिश रचने और 'भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम' के तहत अपराध करने का आरोप है। इस वजह से शिकायतकर्ता बैंक को कथित तौर पर 212.34 करोड़ रुपये का गलत नुकसान हुआ है। यह भी पढ़ें- बंगाल: दुर्गा पूजा के दौरान में ईसाई परिवारों पर हमले का आरोप, कांग्रेस ने अ.