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450 करोड़ की जमीन धोखाधड़ी मामले में M3M इंडिया को दिल्ली कोर्ट से राहत नहीं
दिल्ली कोर्ट ने 450 करोड़ की जमीन धोखाधड़ी मामले में M3M इंडिया और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही बरकरार रखी।
Key points
- एमजीएफ डेवलपमेंट्स लिमिटेड ने एम3एम इंडिया पर गुरुग्राम के चौमा गांव में 31 एकड़ जमीन के सौदे में धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।
- अदालत ने आईपीसी की धारा 420, 120-बी और 34 के तहत आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी की कार्यवाही को जारी रखने का फैसला किया।
- न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना ने निचली अदालत को मामले की सुनवाई में तेजी लाने का निर्देश दिया है।
Why it matters. इस अदालती फैसले से एम3एम इंडिया और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ 450 करोड़ रुपये के जमीन विवाद में कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंजू बजाज चांदना ने दिल्ली की अदालत में एम3एम इंडिया और उसके प्रवर्तकों के खिलाफ धोखाधड़ी की कार्यवाही बरकरार रखी। एमजीएफ डेवलपमेंट्स लिमिटेड ने आरोप लगाया कि गुरुग्राम के चौमा गांव में 31 एकड़ जमीन के सौदे में 450 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं किया गया। अदालत ने आईपीसी की धारा 420, 120-बी और 34 के तहत कानूनी प्रक्रिया जारी रखने का आदेश दिया है। आरोपियों को 27 अक्टूबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश होना होगा।
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450 करोड़ की जमीन धोखाधड़ी मामले में M3M इंडिया को दिल्ली कोर्ट से राहत नहीं
450 करोड़ रुपये के कथित जमीन धोखाधड़ी मामले में एम3एम इंडिया और उसके प्रवर्तकों को राहत नहीं मिली है. दिल्ली की अदालत ने धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ी कार्यवाही बरकरार रखी है. मामला गुरुग्राम के चौमा गांव में करीब 31 एकड़ जमीन से जुड़ा है. आखिर एमजीएफ डेवलपमेंट्स ने क्या आरोप लगाए हैं? नई दिल्ली: दिल्ली की अदालत में एम3एम इंडिया और उसके प्रवर्तकों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. यह मामला गुरुग्राम की जमीन से जुड़ा है. आरोप है कि जमीन के सौदे में पूरी रकम का भुगतान नहीं किया गया. आरोपियों ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी थी. लेकिन दिल्ली की अदालत ने धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ी कार्यवा.