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NCLT ने SBI की याचिका पर वेणुगोपाल धूत को दिवालिया घोषित किया
NCLT ने SBI की याचिका पर वेणुगोपाल धूत को दिवालिया घोषित किया, जिससे उनकी निजी संपत्तियां ट्रस्टी के नियंत्रण में आ गईं।
Key points
- धूत को वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के कर्जों के लिए दी गई व्यक्तिगत गारंटी के कारण दिवालियापन की कार्यवाही का सामना करना पड़ा।
- बैंकों और वित्तीय संस्थानों का धूत पर ₹12,668 करोड़ का कर्ज बकाया है।
- 17 जुलाई 2026 को एनसीएलटी ने धूत की ₹600 करोड़ की पुनर्भुगतान योजना को अव्यावहारिक मानकर खारिज कर दिया था।
Why it matters. धूत की सभी निजी संपत्तियां दिवालिया ट्रस्टी के नियंत्रण में रहेंगी, जिन्हें बेचकर या प्रबंधित कर लेनदारों के ₹12,668 करोड़ के दावों की भरपाई की जाएगी।
मुंबई में नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने 5 नवंबर 2026 को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की याचिका स्वीकार करते हुए वेणुगोपाल धूत को दिवालिया घोषित किया। धूत वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के कर्जों के लिए दी गई व्यक्तिगत गारंटी के कारण फंसे, और उन पर बैंकों व वित्तीय संस्थानों का ₹12,668 करोड़ का कर्ज बकाया है। उनकी ₹600 करोड़ की 36 महीने की पुनर्भुगतान योजना को लेनदारों और ट्रिब्यूनल ने खारिज कर दिया, क्योंकि इसमें कोई नकद भुगतान शामिल नहीं था।
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NCLT ने SBI की याचिका पर वेणुगोपाल धूत को दिवालिया घोषित किया
Venugopal Dhoot News : नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) ने वीडियोकॉन समूह के पूर्व मालिक वेणुगोपाल धूत को दिवालिया घोषित कर दिया है. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की याचिका यह फैसला दिया गया है. धूत पर उन पर ₹12,668 करोड़ का भारी-भरकम कर्ज बकाया है. नई दिल्ली. साल 1980 से 2000 के दशक में जिस वीडियोकॉन समूह के प्रमोटर वेणुगोपाल धूत की गिनती देश के रईसों में होती थी. लेकिन, अब वीडियोकॉन समूह और धूत, दोनों ही रसातल में चले गए हैं. जिस कारोबारी ने कभी 50 हजार करोड़ रुपये के औद्योगिक साम्राज्य का नेतृत्व किया और जिनके बनाए टीवी और फ्रिज देश के करोड़ों घरों की पहचान बने, उन्हें अब कानूनन दिवालिया घोषि.