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सेना ने नई लैंड वारफ़ेयर डॉक्ट्रिन जारी, एआई‑ड्रोन और साइबर युद्ध को शामिल
सेना ने नई लैंड वारफ़ेयर डॉक्ट्रिन जारी की है जिसमें एआई, ड्रोन और साइबर युद्ध जैसी आधुनिक तकनीकों को शामिल किया गया है।
Key points
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह दिल्ली में आयोजित कमांडर सम्मेलन में नई लैंड वॉरफेयर डॉक्ट्रिन जारी करेंगे।
- नई रणनीति में एल्गोरिदम, रोबोटिक्स, मानवरहित हथियार प्रणालियों और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध को मुख्य स्तंभ बनाया गया है।
- यह डॉक्ट्रिन स्वदेशी हथियारों के उपयोग और तीनों सेनाओं के संसाधनों के साझा इस्तेमाल का रोडमैप प्रदान करती है।
Why it matters. यह नई डॉक्ट्रिन चीन और पाकिस्तान सीमाओं पर बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच सेना को आधुनिक तकनीक और थिएटर कमांड के माध्यम से हर स्थिति के लिए तैयार कर सकती है।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को दिल्ली में कमांडर सम्मेलन के दौरान नई लैंड वॉरफेयर डॉक्ट्रिन जारी करेंगे। यह दस्तावेज 2018 की पुरानी रणनीति को अपडेट करेगा ताकि 13 लाख से अधिक जवानों को भविष्य के युद्धों के लिए स्पष्ट विजन मिल सके। सेना के अनुसार, इसमें एल्गोरिदम, रोबोटिक्स, मानवरहित हथियार प्रणालियों और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध जैसे चार मुख्य स्तंभ शामिल हैं। यह पहल स्वदेशी हथियारों को ऑपरेशनल प्लानिंग में जोड़ने और थिएटर कमांड गठन को गति देने के लिए की गई है।
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सेना ने नई लैंड वारफ़ेयर डॉक्ट्रिन जारी, एआई‑ड्रोन और साइबर युद्ध को शामिल
सेना अपनी नई लैंड वॉरफेयर डॉक्ट्रिन को अमलीजामा पहनाने जा रही है। राजधानी में चल रहे सेना के कमांडर सम्मेलन में शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह यह दस्तावेज जारी करेंगे। इस डॉक्ट्रिन से तय होगा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), आसमान में मंडराते ड्रोन्स, साइबर हमले और अंतरिक्ष से पैदा होते खतरों के बीच भविष्य का युद्ध कैसे लड़ा जाएगा। पुरानी रणनीतियों से आगे सेना ने आखिरी बार 2018 में अपनी लैंड वॉरफेयर डॉक्ट्रिन जारी की थी। पिछले छह-सात वर्षों में युद्ध की परिभाषा तेजी से बदली है। यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्षों ने यह साबित कर दिया है कि पारंपरिक युद्ध पद्धतियां अब अकेली काफी नहीं हैं। अधि.