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कारोबार और निवेश से कमाई कर रहे युवा: पाई-पाई का दे रहे हिसाब, आईटीआर फॉर्म भरने वालों की हिस्सेदारी 57% पार
युवा कारोबार और निवेश से कमा रहे, आईटीआर-2 और आईटीआर-3 भरने वालों की हिस्सेदारी 57% पार
Key points
- 25 साल से कम उम्र के 75 फीसदी युवाओं ने आकलन वर्ष 2026-27 में आईटीआर-1 की जगह जटिल रिटर्न फॉर्म भरे
- आईटीआर-3 की हिस्सेदारी आकलन वर्ष 2025-26 के 28 फीसदी से बढ़कर 2026-27 में 44 फीसदी हो गई
- 60 साल से अधिक उम्र के करीब 40 फीसदी करदाताओं ने आकलन वर्ष 2026-27 में पूंजीगत लाभ की जानकारी दी
Why it matters. रिपोर्ट के अनुसार यह दर्शाता है कि अब अधिक करदाताओं की आय में कारोबार, पेशे और निवेश जैसे स्रोत शामिल हो रहे हैं।
क्लियरटैक्स की सालाना रिपोर्ट 'हाउ इंडिया फाइल्ड इन 2026' के अनुसार आकलन वर्ष 2026-27 में 25 साल से कम उम्र के 75 फीसदी युवाओं ने आईटीआर-1 की जगह जटिल रिटर्न फॉर्म भरे, जबकि एक साल पहले यह हिस्सा 60 फीसदी था। इन युवाओं में आईटीआर-3 की हिस्सेदारी 28 फीसदी से बढ़कर 44 फीसदी पहुंच गई, और आईटीआर-1 की हिस्सेदारी 41 फीसदी से घटकर 25 फीसदी रह गई। खुद रिटर्न भरने वाले करदाताओं में 41.7 फीसदी ने पूंजीगत लाभ की जानकारी दी, जो 2024-25 में सिर्फ 25.5 फीसदी थी। रिपोर्ट के मुताबिक आईटीआर-2 और आईटीआर-3 भरने वालों की संयुक्त हिस्सेदारी 2026-27 में 57.2 फीसदी रही, जो 2024-25 में 36.2 फीसदी थी।
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कारोबार और निवेश से कमाई कर रहे युवा: पाई-पाई का दे रहे हिसाब, आईटीआर फॉर्म भरने वालों की हिस्सेदारी 57% पार
नई दिल्ली। युवाओं में नौकरी के अलावा ट्रेडिंग, निवेश और कारोबार से कमाई का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। कमाई के स्रोतों में विविधता के साथ दाखिल किए गए आयकर रिटर्न (आईटीआर) फॉर्म के स्वरूप में भी बदलाव देखने को मिल रहा है। जटिल आईटीआर फॉर्म भरने वाले युवाओं की संख्या में 15 फीसदी अंक की बढ़ोतरी टैक्स फाइलिंग मंच क्लियरटैक्स की सालाना रिपोर्ट 'हाउ इंडिया फाइल्ड इन 2026' में दावा किया गया है कि आकलन वर्ष 2026-27 में अन्य साधनों से कमाई करने वाले 25 साल से कम उम्र के 75 फीसदी युवाओं ने आईटीआर-1 के बजाय अन्य जटिल रिटर्न फॉर्म भरे। एक साल पहले ऐसे युवाओं का हिस्सा 60 फीसदी था यानी इस श्रेणी में सबसे तेज 15 फीसदी अंक की बढ़ोतरी हुई है। ये युवा अपना आईटीआर खुद दाखिल करते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इस बदलाव को आईटीआर-3 और आईटीआर-1 फॉर्म के आंकड़ों से समझा जा सकता है। 25 साल से कम उम्र के खुद रिटर्न दाखिल करने वाले युवाओं में आईटीआर-3 फॉर्म की हिस्सेदारी आकलन वर्ष 2026-27 में बढ़कर 44 फीसदी के स्तर पर पहुंच गई, जो आकलन वर्ष 2025-26 में 28 फीसदी थी। इस अवधि के दौरान आईटीआर-1 फॉर्म की हिस्सेदारी 41 फीसदी से घटकर 25 फीसदी रह गई। 7.3% बढ़े निवेश से पैसा बनाने वाले आय के विविध स्रोतों में निवेश से होने वाला पूंजीगत लाभ सबसे महत्वपूर्ण संकेतकों में से एक है। क्लियरटैक्स के आंकड़ों के मुताबिक, आकलन वर्ष 2026-27 में खुद रिटर्न भरने वाले 41.7 फीसदी करदाताओं ने पूंजीगत लाभ की जानकारी दी। आकलन वर्ष 2025-26 में यह अनुपात 34.4 फीसदी और 2024-25 में यह सिर्फ 25.5 फीसदी था। इस तरह, एक साल में पूंजीगत लाभ बत.