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OMCs ने FCI के सरप्लस चावल से बने एथेनॉल की सप्लाई पर 30% कैप लगाई
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने FCI के सरप्लस चावल से बने एथेनॉल की सप्लाई पर 30% की कैप लगाई
Key points
- डिस्टिलरीज अपनी कुल एथेनॉल पेशकश का अधिकतम 30% हिस्सा ही FCI के सरप्लस चावल से सप्लाई कर सकेंगी
- हर तिमाही के लिए कुल सीमा 108 करोड़ लीटर तय की गई है
- सीमा से अधिक प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा और अधिक प्रस्ताव होने पर आनुपातिक कटौती होगी
Why it matters. एथेनॉल निर्माताओं को अपनी सप्लाई प्लानिंग नए नियमों के तहत करनी होगी, क्योंकि तय सीमा से अधिक के प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा।
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने FCI के सरप्लस चावल से बनने वाले एथेनॉल की सप्लाई पर 30% की कैप लगा दी है, जिसके तहत डिस्टिलरीज अपनी कुल एथेनॉल पेशकश का अधिकतम 30% हिस्सा ही इस चावल से दे सकेंगी। ESY 2026-27 की शुरुआती तीन तिमाहियों में हर तिमाही के लिए कुल सीमा 108 करोड़ लीटर तय की गई है। स्रोत के अनुसार यह फैसला पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) और खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) के निर्देशों पर आधारित है। EBP के लिए FCI से 72 लाख मीट्रिक टन (LMT) सरप्लस चावल, यानी कुल 324 करोड़ लीटर एथेनॉल, का आवंटन तय हुआ है।
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OMCs ने FCI के सरप्लस चावल से बने एथेनॉल की सप्लाई पर 30% कैप लगाई
ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने FCI के सरप्लस चावल से बनने वाले एथेनॉल की सप्लाई पर 30% की कैप तय कर दी है. जानिए नई तिमाही सीमा और इससे जुड़े नियम. चीनी के बाद अब ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) के सरप्लस चावल से बनने वाले एथेनॉल की सप्लाई पर बड़ा फैसला लिया है. OMCs ने एथेनॉल सप्लाई के नियमों में संशोधन करते हुए इसे 30% की कैप (सीमा) के दायरे में बांध दिया है. सरकार के नए निर्देशों और हाल ही में जारी टेंडर संशोधनों (Corrigendum) के मुताबिक, डिस्टिलरीज अब अपनी कुल एथेनॉल पेशकश का अधिकतम 30% हिस्सा ही FCI के सरप्लस चावल से सप्लाई कर सकेंगी. पेट्रोलियम और प्राकृतिक ग.