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Photo: Illustrative image — Photo: Skitterphoto, CC0 1.0, via Wikimedia Commons

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फेस्टिव सेल में बंपर छूट या बड़ा फ्रॉड? पेमेंट करने से पहले चेक करें ये 5 चीजें, लुटने से बच जाएंगे

फेस्टिव सेल की छूट के बीच साइबर ठग सक्रिय, पेमेंट से पहले इन 5 बातों की जांच जरूरी है।

Updated 2 min read

Key points

  • ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर त्योहारी सीजन में डिस्काउंट और कैशबैक ऑफर्स की बाढ़ आती है।
  • फ्लैश सेल के 'सिर्फ 5 मिनट बचे हैं' जैसे अलर्ट ग्राहकों में हड़बड़ी पैदा करने के लिए लगाए जाते हैं।

Why it matters. फेस्टिव सेल में खरीदारी करने वाले ग्राहक पेमेंट से पहले वेबसाइट, सेलर और पिन की जांच करके अपने बैंक खाते को ठगी से सुरक्षित रख सकते हैं।

त्योहारी सीजन में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर डिस्काउंट, बंपर सेल और कैशबैक ऑफर्स की बाढ़ आती है, और इसी जल्दबाजी का फायदा साइबर ठग उठाते हैं। ठग amazon की जगह amzon या flipkart की जगह flipkrt जैसे स्पेलिंग वाली क्लोन वेबसाइट तैयार करते हैं। लेख के अनुसार पैसे पाने के लिए कभी भी UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती, और कैशबैक के नाम पर पिन मांगना सीधा फ्रॉड है। बैंक, ई-कॉमर्स कंपनी या कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव कभी भी ओटीपी, यूपीआई पिन या नेट बैंकिंग पासवर्ड नहीं मांगते।

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फेस्टिव सेल में बंपर छूट या बड़ा फ्रॉड? पेमेंट करने से पहले चेक करें ये 5 चीजें, लुटने से बच जाएंगे

diwali Shopping Fraud Alert : फेस्टिव सीजन में भारत में लोग जमकर खरीदारी करते हैं. अब ऑनलाइन शॉपिंग का चलन बढ़ गया है तो ई-कॉमर्स साइट्स पर खूब सेल लगती है. सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म्‍स पर सेल वाले एड की भरमार है. लेकिन, यह वक्‍त ठगों के लिए भी खास मौका लेकर आता है. इसलिए ऑनलाइन शॉपिंग करते वक्‍त सावधान रहें. नई दिल्‍ली. त्योहारी सीजन शुरू होते ही ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर डिस्काउंट, बंपर सेल और कैशबैक ऑफर्स की बाढ़ आ जाती है. मोटी छूट देखकर हर किसी का दिल शॉपिंग को करता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारी छूट की यही जल्दबाजी साइबर ठगों के लिए सबसे बड़ा हथियार बन जाती है? एक गलत क्लिक, फर्जी पेमेंट लिंक या अनजान सेलर आपके बैंक खाते को पल भर में खाली कर सकता है. आप यूपीआई (UPI) से पेमेंट कर रहे हों या क्रेडिट-डेबिट कार्ड से, पैसे ट्रांसफर करने से पहले 5 जरूरी बातों का ध्‍यान तो आपको हर हाल में रखना चहिए. किसी भी वेबसाइट पर कार्ड डिटेल्स या यूपीआई पिन डालने से पहले यह तय करें कि आप असली और आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर ही मौजूद हैं. होता यह है कि साइबर ठग नामी ब्रांड्स की क्लोन वेबसाइट तैयार करते हैं. इनमें स्पेलिंग का मामूली हेर-फेर होता है जैसे amazon की जगह amzon या flipkart की जगह flipkrt. सोशल मीडिया पर विज्ञापनों या वॉट्सऐप पर भारी छूट वाले लिंक्‍स पर तो क्लिक बिल्‍कुल न करें. अगर कर भी लें तो पेमेंट तो यहां भुलकर भी न करें. अनजान सेलर से रहें सावधान किसी अनजान सेलर से तो खरीदारी से बचे ही. अगर आपको कोई ऑफर ठीक लग रहा है तो तुरंत ऑर्डर देने के बजाय उसकी प्रोफाइल, कस्टमर रिव्यू, रिटर्न.

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