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Seat of the European Central Bank and Frankfurt Skyline at dawn 20150422 1
Photo: Illustrative image — Photo: DXR, CC BY-SA 4.0, via Wikimedia Commons

business

आरबीआई ने छोटे सेवा निर्यातकों और आयातकों के रिपोर्टिंग नियम आसान किए

आरबीआई ने छोटे सेवा निर्यातकों और आयातकों के रिपोर्टिंग नियमों में ढील दी

Updated 1 min read

Key points

  • सेवा निर्यातकों को अलग से निर्यात घोषणापत्र (ईडीएफ) जमा नहीं करना होगा
  • निवासी व्यक्तियों के अलावा अन्य निर्यातकों के लिए सुविधा 10 लाख रुपये तक के आवक भुगतानों पर लागू होगी
  • सेवा आयात का विवरण बैंकों को प्राप्ति के पांच कार्य दिवसों के भीतर आईडीपीएमएस में दर्ज करना होगा

Why it matters. छोटे निर्यातकों और आयातकों के लिए अनुपालन का बोझ कम करेगी, और ये नियम पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू होंगे।

आरबीआई ने मंगलवार को विदेशी मुद्रा प्रबंधन नियमों में संशोधन किया है। अब सेवा निर्यातकों को अलग से निर्यात घोषणापत्र (ईडीएफ) जमा नहीं करना होगा, बल्कि अधिकृत डीलर को भुगतान प्राप्ति की जानकारी देने पर ही वह जमा माना जाएगा। यह सुविधा निवासी व्यक्तियों के अलावा अन्य निर्यातकों के लिए 10 लाख रुपये तक के आवक भुगतानों पर मिलेगी। ये नियम 1 अक्तूबर, 2026 से पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू माने जाएंगे।

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आरबीआई ने छोटे सेवा निर्यातकों और आयातकों के रिपोर्टिंग नियम आसान किए

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को छोटे सेवा निर्यातकों और आयातकों के लिए रिपोर्टिंग आवश्यकताओं को आसान बनाया है। केंद्रीय बैंक ने निर्यात घोषणाओं को दाखिल करने के नियमों में भी ढील दी है। ये महत्वपूर्ण बदलाव विदेशी मुद्रा प्रबंधन (वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात और आयात) विनियमों में किए गए हैं। संशोधित नियमों के तहत, सेवा निर्यातक को भुगतान प्राप्त होने की जानकारी अधिकृत डीलर को अपने खातों में जमा करने के लिए देने पर निर्यात घोषणापत्र (ईडीएफ) जमा माना जाएगा। निवासी व्यक्तियों के अलावा अन्य निर्यातकों के लिए, यह सुविधा एक सेवा के लिए 10 लाख रुपये या उसके बराबर विदेशी मुद्रा तक के आवक भुगत.

Sources