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वेस्ट एशिया संकट के बीच रिलायंस का बड़ा दांव: ईंधन निर्यात 50% बढ़ा

रिलायंस ने अफ्रीका और यूरोप में पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन का निर्यात बढ़ाया, बाजार में हिस्सेदारी करीब 50% बढ़ी

Updated 1 min read

Key points

  • सितंबर तिमाही में रिलायंस के O2C कारोबार का EBITDA 68% बढ़कर रेकॉर्ड 25,203 करोड़ रुपये हो गया।
  • रिलायंस का कुल शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 34% बढ़कर 29,550 करोड़ रुपये रहा।
  • सितंबर तिमाही में ब्रेंट क्रूड की कीमत 70 से 130 डॉलर प्रति बैरल के बीच रही, और कंपनी ने 20 से ज्यादा जहाजों का इस्तेमाल किया।

Why it matters. कंपनी के मुताबिक ऊंची ऊर्जा कीमतों और मजबूत मांग से फायदा हुआ, जबकि अंतरराष्ट्रीय ईंधन कीमतों के बावजूद वह पूरी लागत घरेलू ग्राहकों पर नहीं डाल पाई।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वेस्ट एशिया संघर्ष से पैदा हुई सप्लाई कमी का फायदा उठाते हुए अफ्रीका और यूरोप के बाजारों में पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन का निर्यात बढ़ाया है। कंपनी की सितंबर तिमाही की वित्तीय रिपोर्ट के मुताबिक इन बाजारों में उसकी हिस्सेदारी करीब 50% बढ़ी है, और उसने ऑस्ट्रेलिया, केन्या और तंजानिया में प्रीमियम पेट्रोल की नई संभावनाएं तलाशी हैं। पेट्रोल का रिफाइनिंग मार्जिन एक साल पहले के 8.4 डॉलर से बढ़कर करीब 25 डॉलर प्रति बैरल हो गया। O2C कारोबार का EBITDA 68% बढ़कर रेकॉर्ड 25,203 करोड़ रुपये रहा।

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वेस्ट एशिया संकट के बीच रिलायंस का बड़ा दांव: ईंधन निर्यात 50% बढ़ा

नई दिल्ली: वेस्ट एशिया में संघर्ष के कारण दुनिया के कई देशों में ईंधन की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसका फायदा उठाते हुए मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अफ्रीका और यूरोप के बाजारों में पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन का निर्यात बढ़ाया है। कंपनी ने अपने ईंधन निर्यात का रुख पूर्वी और दक्षिणी अफ्रीका, भूमध्यसागरीय देशों और यूरोप के दूसरे बाजारों की ओर किया है। इससे इन बाजारों में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 50% बढ़ गई है।रिलायंस की सितंबर तिमाही की वित्तीय रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने ऑस्ट्रेलिया, केन्या और तंजानिया में प्रीमियम पेट्रोल की सप्लाई के नए मौके तलाशे। वहीं, भूमध्यसागरीय देशों में ड.

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