Skip to footer

business

पश्चिम एशिया संकट में रिलायंस ने यूरोप-अफ्रीका में ईंधन निर्यात हिस्सेदारी 50% बढ़ाई

पश्चिम एशिया संकट में रिलायंस ने यूरोप-अफ्रीका में फ्यूल एक्सपोर्ट हिस्सेदारी 50 फीसदी बढ़ाई

Updated 1 min read

Key points

  • O2C कारोबार का रेवेन्यू 44 फीसदी बढ़कर 2,31,601 करोड़ रुपये पर पहुंचा
  • ऑयल-टू-केमिकल्स बिजनेस का EBITDA 68 फीसदी बढ़कर 25,203 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा
  • कंपनी ने ऑस्ट्रेलिया, केन्या और तंजानिया में प्रीमियम पेट्रोल बेचने के नए मौके तलाशे

Why it matters. कंपनी का मानना है कि रिफाइनरियों में रुकावट, रूसी एक्सपोर्ट पर पाबंदी और चीन के एक्सपोर्ट को लेकर अनिश्चितता से आने वाले समय में भी ग्लोबल सप्लाई टाइट रहेगी।

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पश्चिम एशिया संकट के बीच अपने फ्यूल एक्सपोर्ट का रुख पूर्वी व दक्षिणी अफ्रीका, भूमध्यसागरीय क्षेत्र और अन्य यूरोपीय बाजारों की ओर मोड़ा। कंपनी की सितंबर तिमाही की रिपोर्ट के अनुसार इन बाजारों में उसकी हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी बढ़ी है। ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) कारोबार का रेवेन्यू 44 फीसदी बढ़कर 2,31,601 करोड़ रुपये और EBITDA 68 फीसदी बढ़कर 25,203 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। कंपनी ने दक्षिण अफ्रीका को पहली बार कम सल्फर वाला एटीएफ भेजा, जबकि ब्रेंट क्रूड 70 से 130 डॉलर प्रति बैरल के बीच रहा।

Latest updates

पश्चिम एशिया संकट में रिलायंस ने यूरोप-अफ्रीका में ईंधन निर्यात हिस्सेदारी 50% बढ़ाई

पश्चिम एशिया के संघर्ष ने दुनिया भर में तेल की सप्लाई बिगाड़ दी है. इसी संकट के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अफ्रीका व यूरोप के बाजारों में फ्यूल एक्सपोर्ट बढ़ाकर अपनी हिस्सेदारी 50 फीसदी बढ़ा ली है. Reliance Fuel Export: जब दुनिया के कई देश पश्चिम एशिया के संकट की वजह से तेल की किल्लत झेल रहे हैं, तब मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) ने इस मुश्किल वक्त को एक बड़े मौके में बदल लिया है. पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के कारण ग्लोबल स्तर पर ईंधन की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है. ऐसे समय में रिलायंस ने अपने फ्यूल एक्सपोर्ट का रुख पूर्वी व दक्षिणी अफ्रीका, भूमध्यसागरीय क्षेत्र (Medit.

Sources