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सेबी ने अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी पर लगाया 11.5 करोड़ रुपये का जुर्माना
सेबी ने अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी पर ₹11.5 करोड़ का जुर्माना लगाया और ₹546.17 करोड़ रिफंड करने का आदेश दिया।
Key points
- सेबी ने अवधूत साठे, गौरी साठे और उनकी एकेडमी पर अलग-अलग जुर्माना लगाकर कुल ₹11.5 करोड़ का दंड लगाया है।
- संस्था को बिना रजिस्ट्रेशन के निवेश सलाह देने और भ्रामक विज्ञापनों के जरिए मुनाफा दिखाने का दोषी पाया गया है।
- रिफंड प्रक्रिया के लिए 30 दिनों के भीतर तीन भाषाओं के अखबारों में नोटिस जारी करने और बैंक के जरिए भुगतान करने का निर्देश है।
Why it matters. यह कार्रवाई बिना पंजीकरण के निवेश सलाह देने वाली संस्थाओं के लिए चेतावनी है और इससे प्रभावित निवेशकों को उनकी राशि वापस मिलने की उम्मीद है।
सेबी ने अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी और उसके निदेशकों पर कुल ₹11.5 करोड़ का जुर्माना लगाया है। नियामक ने अवधूत साठे और एकेडमी को ₹546.17 करोड़ की मूल राशि और ₹67.87 करोड़ ब्याज निवेशकों को लौटाने का आदेश दिया है। सेबी के अनुसार, यह संस्था बिना पंजीकरण के वॉट्सऐप और लाइव सेशन के जरिए शेयर खरीदने-बेचने की सलाह दे रही थी। अवधूत साठे और एकेडमी पर दो साल और गौरी साठे पर छह महीने के लिए बाजार कारोबार की रोक लगाई गई है।
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सेबी ने अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी पर लगाया 11.5 करोड़ रुपये का जुर्माना
SEBI Action on Avadhut Sathe: सेबी ने अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी और उसके डायरेक्टर्स पर कुल ₹11.5 करोड़ का जुर्माना लगाया है और लोगों को ₹546.17 करोड़ लौटाने का आदेश दिया है. सेबी के मुताबिक, एकेडमी ट्रेडिंग सिखाने के साथ शेयर खरीदने-बेचने की सलाह भी दे रही थी, जिसके लिए जरूरी रजिस्ट्रेशन नहीं था. शेयर बाजार में ट्रेडिंग सीखने के लिए अगर कोई एकेडमी पैसे लेती है, तो उससे उम्मीद की जाती है कि वह सही तरीके से ट्रेनिंग देगी. लेकिन अगर ट्रेनिंग के नाम पर शेयर खरीदने-बेचने की सलाह भी दी जाए और इसके लिए जरूरी रजिस्ट्रेशन न हो, तो मुश्किल बढ़ सकती है. ऐसा ही एक मामला अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी का है.

