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सेबी ब्रोकरों के लिए लाएगा नया अनुपालन ढांचा, ट्रेडिंग टर्मिनल के दुरुपयोग पर रोक
सेबी ब्रोकरों के लिए नया अनुपालन ढांचा लाएगा और ट्रेडिंग टर्मिनल के दुरुपयोग को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था तैयार करेगा।
Key points
- सेबी ट्रेडिंग टर्मिनल की निगरानी के लिए उन्हें MAC और स्टैटिक IP एड्रेस से जोड़ने पर विचार कर रहा है।
- ब्रोकरों के लिए उनकी क्षमता, ग्राहकों की संख्या और तकनीक के आधार पर ग्रेडेड कंप्लायंस व्यवस्था लाई जा सकती है।
- Demat 2.0 पहल के तहत टोकनाइज्ड कॉरपोरेट बॉन्ड को सेकेंडरी मार्केट में उपलब्ध कराने की तैयारी है।
Why it matters. इन उपायों से बाजार में पारदर्शिता बढ़ने, निवेशकों की सुरक्षा मजबूत होने और कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार में तरलता बढ़ने की संभावना है।
सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने 24 अक्टूबर को मुंबई में ANMI कन्वेंशन के दौरान बाजार सुधार योजनाओं की घोषणा की। नियामक ट्रेडिंग टर्मिनल के दुरुपयोग को रोकने के लिए उन्हें MAC और स्टैटिक IP एड्रेस से जोड़ने पर विचार कर रहा है। इसके अलावा, ब्रोकरों के आकार और तकनीक के आधार पर अलग-अलग अनुपालन नियम लागू किए जा सकते हैं। सेबी शॉर्ट सेलिंग, SLB नियमों की समीक्षा और कॉरपोरेट बॉन्ड के लिए मार्केट मेकिंग फ्रेमवर्क पर भी काम कर रहा है।
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सेबी ब्रोकरों के लिए लाएगा नया अनुपालन ढांचा, ट्रेडिंग टर्मिनल के दुरुपयोग पर रोक
रेगुलेटर शॉर्ट-सेलिंग और सिक्योरिटीज लेंडिंग के नियमों की समीक्षा करेगा, बायबैक और OFS के लिए नियमों को आसान बनाएगा. साथ ही टोकनाइज्ड कॉर्पोरेट बॉन्ड और AI सुरक्षा उपायों की भी योजना है. शेयर बाजार में निवेश करने वाले करोड़ों निवेशकों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) कई नए कदम उठाने की तैयारी कर रहा है. बाजार नियामक ब्रोकरों के ट्रेडिंग टर्मिनल के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था तैयार कर रहा है. इसके साथ ही स्टॉक ब्रोकर्स के लिए उनकी कारोबारी क्षमता, ग्राहकों की संख्या और टेक्नोलॉजी पर निर्भरता के आधार पर अलग-अलग अनुपालन नियम लागू करने की संभाव.

