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शेयर बाजार में शानदार तेजी, Sensex 565.03 अंक चढ़ा... स्मॉल-मिडकैप में तबाही!
सेंसेक्स 565.03 अंक चढ़ा, लेकिन स्मॉलकैप और मिडकैप शेयरों में भारी गिरावट रही
Key points
- अमेरिकी बाजार में एआई रेगुलेशन को लेकर गिरावट से 270 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ
- निफ्टी 117 अंक चढ़कर 24,652.85 पर और सेंसेक्स 79,895 पर कारोबार कर रहा था
- आईटी और टेलीकॉम को छोड़कर ज्यादातर सेक्टर रेड जोन में थे, सबसे ज्यादा गिरावट ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल में थी
Why it matters. स्मॉलकैप और मिडकैप में भारी बिकवाली से बाजार पर दबाव बना है, जबकि सोर्स के अनुसार भारतीय बाजार का एआई कंपनियों में ज्यादा एक्सपोजर नहीं है.
अमेरिकी बाजार में एआई रेगुलेशन को लेकर भारी गिरावट से वहां 270 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ. दक्षिण कोरिया में कोस्पी में लोअर सर्किट लगा और 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकनी पड़ी. भारत में सेंसेक्स 565.03 अंक चढ़कर 79,895 पर था, पर बीएसई स्मॉलकैप 1.50 फीसदी और मिडकैप 1.20% टूटा. कच्चे तेल में भी तेजी रही, ब्रेंट क्रूड करीब 2 फीसदी चढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया.
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शेयर बाजार में शानदार तेजी, Sensex 565.03 अंक चढ़ा... स्मॉल-मिडकैप में तबाही!
एआई रेगुलेशन को लेकर अमेरिकी बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है, जिस कारण वहां 270 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ है. वहीं साउथ कोरिया के मार्केट में भी भारी गिरावट आई है, जहां कोस्पी में लोअर सर्किट भी लगा और यहां पर 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोकनी भी पड़ी. हालांकि, इन बड़ी गिरावट का असर भारतीय बाजार में उतना नहीं पड़ा है. निफ्टी 117 अंक चढ़कर 24,652.85 पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि सेंसेक्स 565 अंक चढ़कर 79,895 पर कारोबार कर रहा है. आईटी और टेलीकॉम को छोड़कर ज्यादातर सेक्टर रेड जोन में हैं. सबसे ज्यादा गिरावट ऑटो और कंज्यूमर ड्यूरेबल वाले सेक्टर में र्आई है. बीएसई के टॉप 30 शेयरों में 18 शेयरों में तेजी है और 12 शेयरों में गिरावट आई है. सबसे ज्यादा पॉवरग्रिड और बीईएल के शेयरों में आई है. सम्बंधित ख़बरें वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप में बड़ी गिरावट देखी जा रही है. बीएसई 250 स्मॉलकैप 1.50 फीसदी की गिरावट आई है और मिडकैप 200 अंक या 1.20% टूटकर कारोबार कर रहा है. क्यों गिरा भारतीय शेयर बाजार? भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का असर अमेरिकी एआई कंपनियों में आई भारी गिरावट है. हालांकि, ज्यादा एक्सपोजर नहीं होने के कारण भारतीय बजाार में इसका असर नहीं हुआ है. कच्चे तेल की कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है. ब्रेंट क्रूड ऑयल करीब 2 फीसदी चढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है. स्मॉलकैप और मिडकैप में भारी बिकवाली आई है, जिस कारण मार्केट में दबाव बना है. खासकर डेटा सेंटर और एआई संबंधित कंपनियों के शेयर ज्यादा प्रभावित दिख रहे हैं. 97 शेयरों में लोअर सर्किट बीएसई प.